प्रयागराज में फोटोग्राफर हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा: हत्या के बाद दोस्तों ने आईफोन से रची कहानी, लाश ठिकाने लगाने तक करते रहे इस्तेमाल
धूमनगंज में फोटोग्राफर आलोक गुप्ता (27) की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद उसके तीनों दोस्त सिर्फ शव को ठिकाने लगाने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि घटना को छिपाने के लिए आलोक के आईफोन का भी इस्तेमाल करते रहे।
हत्या के बाद भी फोन चलाते रहे दोस्त
जांच में सामने आया है कि आलोक की हत्या के बाद आरोपियों ने उसके आईफोन को अपने कब्जे में रखा। पुलिस को शक है कि फोन का इस्तेमाल यह भ्रम पैदा करने के लिए किया गया कि आलोक अभी जिंदा है या अपने फोन का इस्तेमाल कर रहा है।आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश के साथ-साथ मोबाइल से जुड़े सबूतों को भी मिटाने या छिपाने का प्रयास किया। पुलिस अब फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन, मैसेज और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।
दोस्तों पर हत्या और साजिश का आरोप
आलोक की हत्या में उसके तीन दोस्तों की भूमिका सामने आई है। पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे की वजह, वारदात की पूरी योजना और शव को ठिकाने लगाने की कोशिशों से जुड़े कई तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि हत्या अचानक हुई या पहले से इसकी साजिश रची गई थी।
आईफोन बना अहम सबूत
पुलिस के लिए आलोक का आईफोन जांच में अहम कड़ी बन गया है। मोबाइल की तकनीकी जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या के बाद फोन किस-किस जगह गया और उसे किसने इस्तेमाल किया।फोन से मिले डिजिटल सबूत आरोपियों के बयानों की भी पुष्टि कर सकते हैं। पुलिस अब हत्या से पहले और बाद की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ अन्य संभावित साक्ष्यों को भी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद हत्याकांड की पूरी कहानी और हत्या की वजह सामने आने की उम्मीद है।

