शिवरात्रि पर औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा कड़ी, ATS संभालेगी जिम्मेदारी; 500 मीटर तक वाहनों की एंट्री बंद
शिवरात्रि के पर्व को देखते हुए मेरठ के प्रसिद्ध औघड़नाथ मंदिर समेत शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी एटीएस को सौंपी गई है।
श्रावण शिवरात्रि के मौके पर औघड़नाथ मंदिर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इससे भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल पुलिस बल को सक्रिय किया जा सकेगा और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकेगा।
औघड़नाथ मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा की विशेष जिम्मेदारी एटीएस को दी गई है। मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ और वाहनों की अधिक संख्या के कारण जाम की स्थिति न बने, इसके लिए मंदिर से करीब 500 मीटर के दायरे में वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थानों पर वाहन खड़े कर पैदल मंदिर की ओर जाना होगा। ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें तैनात रहेंगी।
मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास की व्यवस्था भी अलग-अलग रखी जाएगी, ताकि भीड़ एक ही स्थान पर जमा न हो। पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।
शिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करेंगे। ऐसे में पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जाएं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक प्रतिबंधों के चलते इस बार औघड़नाथ मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं को पैदल प्रवेश करना पड़ सकता है।

