राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संत समाज का विरोध, मथुरा में पप्पू यादव का पुतला फूंका; संसद सदस्यता रद्द करने की मांग
दिल्ली के संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश का संत समाज भी खुलकर सामने आ गया है। मथुरा के गोवर्धन में साधु-संतों ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पप्पू यादव की तस्वीर पर चप्पलें बरसाकर अपना विरोध जताया।
संत समाज ने आरोप लगाया कि राम मंदिर और सनातन परंपराओं से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी या प्रदर्शन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान संतों ने सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
पप्पू यादव की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग
गोवर्धन में हुए प्रदर्शन के दौरान चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने पप्पू यादव के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मांग की कि सांसद की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। संत समाज ने इस मुद्दे को सनातन आस्था से जोड़ते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
वाराणसी से भी सामने आया संत समाज का बयान
वहीं, वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच की लड़ाई अपनी जगह हो सकती है, लेकिन साधु-संतों का वेश धारण कर सनातन परंपरा का उपहास स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
विपक्ष के प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद इस मामले ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी।
संत समाज के विरोध के बाद अब यह मुद्दा और गर्माता नजर आ रहा है। अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से इस मामले में अपनी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं।
पुलिस ने संभाली स्थिति
मथुरा के गोवर्धन में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
वहीं, पप्पू यादव की ओर से इस विरोध प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

