प्रतापगढ़ में संस्कृत बोर्ड टॉपर की डिग्रियां निरस्त, फर्जी अभिलेख जांच में खुलासा; एक लाख की सम्मान राशि भी होगी वसूल
प्रतापगढ़ में संस्कृत बोर्ड के टॉपर से जुड़े फर्जी शैक्षिक अभिलेख मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद टॉपर की शैक्षिक डिग्रियां निरस्त करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही सम्मान के रूप में दी गई एक लाख रुपये की राशि भी वापस वसूल की जाएगी।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और संस्कृत बोर्ड में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है। आरोप है कि छात्र ने फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर परीक्षा में सफलता हासिल की थी।
फर्जी अभिलेखों की जांच में हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, संस्कृत बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर टॉप करने वाले छात्र के शैक्षिक दस्तावेजों को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर अभिलेखों की जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान छात्र के नाम और अन्य शैक्षिक विवरणों में कथित अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित विभागों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की।
डिग्रियां और प्रमाण पत्र होंगे निरस्त
जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्र की डिग्रियों और प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी विद्यार्थी ने गलत दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में सफलता हासिल की है तो ऐसी उपलब्धि को मान्यता नहीं दी जा सकती।
डिग्रियां निरस्त होने के बाद छात्र की शैक्षिक योग्यता से जुड़े सभी रिकॉर्ड में बदलाव किया जाएगा।
सम्मान राशि की होगी रिकवरी
संस्कृत बोर्ड में टॉप करने के बाद छात्र को सम्मान स्वरूप एक लाख रुपये की राशि दी गई थी। अब विभाग इस राशि की भी वसूली करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, गलत तरीके से प्राप्त लाभ को वापस लेने की प्रक्रिया नियमों के तहत की जाएगी। इसके लिए संबंधित छात्र और संस्थान से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच भी जारी
मामले में पुलिस स्तर पर भी जांच चल रही है। शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस छात्र के दस्तावेजों और स्कूल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि दस्तावेज तैयार करने या सत्यापन प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
संस्कृत बोर्ड टॉपर से जुड़े इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था में दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रमाण पत्रों और अभिलेखों की जांच प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।
फिलहाल प्रतापगढ़ के इस मामले में डिग्रियां निरस्त करने और सम्मान राशि वापस लेने की कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

