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मेरठ में छात्रा हत्याकांड पर बवाल: कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, फुटेज में देंखे 50 से अधिक हिरासत में; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

मेरठ में छात्रा हत्याकांड पर बवाल: कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, फुटेज में देंखे 50 से अधिक हिरासत में; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 16 मई को हुई छात्रा की हत्या के मामले को लेकर बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने पहुंच गए। प्रदर्शनकारी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करना चाहते थे, लेकिन पुलिस द्वारा कलेक्ट्रेट का मुख्य प्रवेश द्वार बंद किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर ही धरना शुरू कर दिया और करीब तीन घंटे तक वहीं बैठे रहे। पुलिस अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों को समझाकर धरना समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे और डीएम से सीधे मिलने की मांग करते रहे।

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर एसएसपी अविनाश पांडेय भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान घटनास्थल पर तनाव और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसएसपी ने कुछ लोगों के साथ हाथापाई की और पुलिस वैन के अंदर भी प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।

शाम करीब 4:30 बजे पुलिस ने धरना समाप्त कराने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 50 से 60 लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस वाहनों से थाने ले जाया गया।

इस दौरान एक और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया। प्रदर्शन में शामिल एक वकील ने कथित तौर पर पुलिस वैन के अंदर गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतार लिया। घटना के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।

वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्रों में लंबा जाम लग गया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस के अनुसार, कई बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धरना समाप्त कराने की कार्रवाई की गई।

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे और उन्हें ज्ञापन देने तक की अनुमति नहीं दी गई। उनका कहना है कि पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया और कई लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया।

छात्रा हत्याकांड को लेकर इलाके में पहले से ही लोगों में नाराजगी बनी हुई है। परिजन और स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बुधवार का प्रदर्शन भी इसी मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। छात्रा हत्याकांड और प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई—दोनों मामलों पर अब लोगों की नजर बनी हुई है।

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