चित्रकूट के बांदा-कर्वी मार्ग के लिए 86.21 करोड़ रुपये मंजूर, NH-35 के 70 किलोमीटर हिस्से का होगा सुधार
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में राष्ट्रीय राजमार्ग-35 के बांदा-कर्वी मार्ग को बेहतर बनाने के लिए 86.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार रात नौ बजे इस परियोजना को स्वीकृति दी। इसके तहत मार्ग के 70 किलोमीटर हिस्से का सुधार किया जाएगा।
इस परियोजना से बांदा और कर्वी के बीच सड़क की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। मार्ग के सुधार से स्थानीय लोगों के साथ इस रास्ते से नियमित आवागमन करने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिल सकती है।
86.21 करोड़ रुपये से सुधरेगा 70 किलोमीटर मार्ग
राष्ट्रीय राजमार्ग-35 के बांदा-कर्वी मार्ग के सुधार के लिए केंद्र सरकार ने 86.21 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से बुधवार रात नौ बजे परियोजना को स्वीकृति दी गई।
परियोजना के तहत मार्ग के 70 किलोमीटर हिस्से को बेहतर बनाया जाएगा। इससे सड़क पर सफर करने वाले लोगों को राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सुधार कार्य में सड़क चौड़ीकरण, मरम्मत या अन्य निर्माण कार्यों के कौन-कौन से काम शामिल होंगे।
बांदा और कर्वी के बीच आवागमन होगा आसान
बांदा-कर्वी मार्ग क्षेत्रीय आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले लोगों को सड़क की स्थिति बेहतर होने पर सुविधा मिल सकती है।
सड़क सुधार से वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होने और यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियां कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा क्षेत्र के लोगों को बांदा और कर्वी के बीच संपर्क बेहतर होने का लाभ मिल सकता है।
मंत्रालय की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया
परियोजना को केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। अब आगे की प्रक्रिया के तहत निर्माण और सुधार कार्य शुरू होने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
हालांकि, अभी कार्य शुरू होने की तारीख, निर्माण पूरा होने की समयसीमा और ठेकेदार से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है। इन विवरणों के जारी होने के बाद परियोजना की वास्तविक प्रगति और काम की समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी।
86.21 करोड़ रुपये की मंजूरी से चित्रकूट के बांदा-कर्वी मार्ग के 70 किलोमीटर हिस्से के सुधार का रास्ता खुल गया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि काम पूरा होने के बाद इस मार्ग पर सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगा।

