शादी के नाम पर लूट, पश्चिम बंगाल की युवतियों का संगठित गिरोह बेनकाब, मुख्य सरगनाओं की तलाश तेज
शादी के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस गिरोह में शामिल पश्चिम बंगाल की रहने वाली युवतियां अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी हैं। हाल ही में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए गहन जांच में जुट गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी युवतियां खुद को अविवाहित बताकर फोन कॉल और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करती थीं। भरोसा जीतने के बाद शादी का प्रस्ताव रखा जाता और फिर मुलाकात तय की जाती। शुरुआती बातचीत में खुद को साधारण, संस्कारी और जरूरतमंद बताकर सामने वाले को भावनात्मक रूप से बांध लिया जाता था। इसके बाद शादी या सगाई के नाम पर जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान ऐंठ लिया जाता।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह की कई युवतियां फर्जी पहचान के सहारे काम कर रही थीं। अब तक की पड़ताल में पता चला है कि बंगाल समेत अन्य राज्यों की कुछ मुस्लिम लड़कियां खुद को हिंदू बताकर फर्जी शादियां कर चुकी हैं। वे नाम, पहनावा और रीति-रिवाज तक बदलकर पूरी तरह नई पहचान के साथ शिकार को जाल में फंसाती थीं। शादी की रस्मों के बाद मौका मिलते ही वे कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थीं।
पुलिस का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क है, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है, ताकि फोन कॉल्स के जरिए गिरोह की पूरी चेन को जोड़ा जा सके। अधिकारियों को शक है कि इस गिरोह के पीछे कुछ ऐसे लोग हैं, जो शिकार तलाशने, फर्जी दस्तावेज बनवाने और फरारी में मदद करने का काम करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह का तरीका इतना योजनाबद्ध था कि पीड़ितों को ठगी का अहसास तब होता था, जब आरोपी महिलाएं संपर्क से पूरी तरह गायब हो जाती थीं। कई मामलों में पीड़ितों ने सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत तक दर्ज नहीं कराई, जिससे गिरोह को लंबे समय तक खुलेआम काम करने का मौका मिलता रहा।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि शादी या रिश्ते के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

