देवरिया में रजिस्ट्री कार्य ठप: नई निबंधन व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ता संघ और स्टांप विक्रेताओं का अनिश्चितकालीन आंदोलन
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सोमवार को सदर तहसील अधिवक्ता संघ और स्टांप विक्रेताओं ने प्रदेश सरकार की नई निबंधन व्यवस्था और आधार कार्ड से जुड़े आदेशों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध के चलते जिले में संपत्ति रजिस्ट्री का पूरा कार्य प्रभावित हो गया है और तहसील में कामकाज ठप पड़ गया है।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं ने नई व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष जताते हुए तहसील परिसर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई निबंधन प्रणाली और आधार अनिवार्यता के कारण कार्य प्रक्रिया जटिल हो गई है, जिससे न केवल वकीलों और स्टांप विक्रेताओं को परेशानी हो रही है, बल्कि आम जनता भी प्रभावित हो रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता संघ और स्टांप विक्रेताओं ने सामूहिक रूप से रजिस्ट्री कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा कर दी। इसके बाद से ही तहसील में संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह से बंद हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था को बिना पर्याप्त तैयारी और जमीनी समझ के लागू किया गया है। उनका कहना है कि इससे प्रक्रियागत बाधाएं बढ़ी हैं और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के जरूरी दस्तावेज और संपत्ति संबंधी कार्य भी अटक गए हैं।
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि सरकार इस नई व्यवस्था पर पुनर्विचार करे और सभी हितधारकों से बातचीत के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लागू करे। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
इस आंदोलन के कारण तहसील परिसर में दूर-दराज से आए लोग अपने जरूरी कार्य पूरे नहीं करा सके और उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इससे आम जनता में भी नाराजगी देखी जा रही है।
प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संबंधित पक्षों से वार्ता कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक आंदोलन खत्म होने के संकेत नहीं मिले हैं।
फिलहाल यह विरोध प्रदर्शन नई नीतियों के क्रियान्वयन और उनकी जमीनी स्वीकार्यता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

