UP में ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड होने पर देना होगा रिफ्रेशर कोर्स, शराब पीकर ड्राइविंग करने वालों पर सख्ती
उत्तर प्रदेश में सस्पेंड हो चुके ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर नया नियम लागू किया गया है। अब प्रदेश में अगर किसी वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होता है तो उसे दोबारा लाइसेंस बहाल कराने से पहले ट्रेनिंग सेंटर में रिफ्रेशर कोर्स करना होगा। परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की है।
नई व्यवस्था के तहत ऐसे वाहन चालकों को ड्राइविंग नियमों, सड़क सुरक्षा और यातायात कानूनों की जानकारी दोबारा दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य है कि जिन लोगों के लाइसेंस गंभीर यातायात उल्लंघन के कारण सस्पेंड किए गए हैं, वे अपनी गलतियों को समझें और भविष्य में नियमों का पालन करें।
लखनऊ में इस नियम के तहत कार्रवाई का मामला भी सामने आया है। राजधानी में शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े गए दो लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें घसियारी मंडी निवासी प्रिंस सोनकर और विकास नगर निवासी सौरभ विश्वकर्मा शामिल हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शराब पीकर गाड़ी चलाना सड़क हादसों की बड़ी वजहों में शामिल है। ऐसे मामलों में चालक की लापरवाही से न सिर्फ उसकी खुद की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसी को देखते हुए विभाग ने ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है।
नए नियम के अनुसार, लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद संबंधित व्यक्ति को अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर में रिफ्रेशर कोर्स पूरा करना होगा। कोर्स पूरा करने और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाइसेंस बहाली पर विचार किया जाएगा।
परिवहन विभाग लगातार सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है। इसके तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ जुर्माना लगाने से लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता नहीं आती। इसलिए रिफ्रेशर कोर्स के जरिए वाहन चालकों को दोबारा सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
लखनऊ में शुरू हुई यह कार्रवाई अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू होगी। माना जा रहा है कि इस पहल से शराब पीकर ड्राइविंग और अन्य गंभीर यातायात उल्लंघनों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

