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नौकरी छोड़ लौटे रमन की अनोखी दंडवत कांवड़ यात्रा, हरिद्वार से वृंदावन तक 4 लीटर गंगाजल लेकर चल रहे शिवभक्त

नौकरी छोड़ लौटे रमन की अनोखी दंडवत कांवड़ यात्रा, हरिद्वार से वृंदावन तक 4 लीटर गंगाजल लेकर चल रहे शिवभक्त

सावन महीने में भगवान शिव की भक्ति के कई अनोखे रूप देखने को मिलते हैं। इसी कड़ी में फरीदाबाद के सरूरपुर गांव निवासी 28 वर्षीय रमन की दंडवत कांवड़ यात्रा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रमन हरिद्वार से 4 लीटर गंगाजल से भरा कलश लेकर दंडवत करते हुए वृंदावन की ओर बढ़ रहे हैं।

रमन की भक्ति और आस्था को देखकर रास्ते में लोग भी हैरान हैं। वह हर कुछ कदम पर दंडवत प्रणाम करते हुए अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। कड़ी धूप और लंबी दूरी के बावजूद उनके हौसले में कोई कमी नजर नहीं आ रही है।

जॉर्डन की नौकरी छोड़कर लौटे भारत

बताया जा रहा है कि रमन हाल ही में जॉर्डन में अपनी नौकरी छोड़कर भारत वापस लौटे हैं। इसके बाद उन्होंने भगवान शिव की भक्ति में यह कठिन यात्रा करने का संकल्प लिया। वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर दंडवत यात्रा के माध्यम से वृंदावन पहुंचने के लिए निकले हैं।

रमन का कहना है कि यह यात्रा वह अपनी आस्था और भगवान शिव के प्रति समर्पण के रूप में कर रहे हैं। उनके लिए यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभव भी है।

रास्ते में श्रद्धालु कर रहे स्वागत

रमन की अनोखी कांवड़ यात्रा को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुट रही है। श्रद्धालु उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई जगहों पर उनका स्वागत भी किया जा रहा है।

लोग उनकी श्रद्धा और कठिन तपस्या की सराहना कर रहे हैं। दंडवत यात्रा के कारण रमन को लंबा समय लग रहा है, लेकिन वह लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

आस्था और संकल्प की मिसाल बनी यात्रा

सावन में लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा निकालते हैं, लेकिन रमन की दंडवत कांवड़ यात्रा अपने आप में अलग है। गंगाजल से भरा कलश लेकर इतनी कठिन यात्रा करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।

रमन की यह यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे भक्ति, समर्पण और संकल्प की अनोखी मिसाल बता रहे हैं। वहीं, रमन का लक्ष्य है कि वह अपनी यात्रा पूरी कर वृंदावन पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करें।

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