राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: केजरीवाल का BJP पर हमला, चंपत राय के बचाव में उतरे संत; वीडियो में जाने आरोपियों की रिमांड की तैयारी
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को इस मामले में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि "चंदा चोरों को फांसी की सजा जरूर मिलनी चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर वोट लेकर केंद्र और 21 राज्यों में सरकार बनाई, लेकिन बदले में प्रभु श्रीराम के साथ विश्वासघात किया।केजरीवाल के इस बयान के बाद मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। वहीं, दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े संतों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव किया है।
चंपत राय के समर्थन में आए महंत कमल नयन दास
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण में चंपत राय का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उनके साथ विश्वासघात किया है और उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। महंत कमल नयन दास ने स्पष्ट कहा कि "चंपत राय ने कोई चोरी नहीं की है।"
ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव की चर्चा
मामले के बीच ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की टीम 22 जुलाई के बाद कार्यभार संभाल सकती है। इस संबंध में ट्रस्ट स्तर पर मंथन जारी है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
आरोपियों की रिमांड मांगेगी पुलिस
उधर, पुलिस जांच को आगे बढ़ाने में जुटी हुई है। मामले में गिरफ्तार आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव को सोमवार को फैजाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए सात दिन की रिमांड मांग सकती है। जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड के दौरान चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क की जानकारी मिल सकती है।
जांच पर सभी की नजर
राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं, राजनीतिक बयानबाजी के बीच सभी की नजर अब कोर्ट की कार्रवाई और पुलिस जांच पर टिकी हुई है।

