राम मंदिर दान चोरी मामला: पुलिस ने आयकर विभाग से मांगे 53 पैन नंबरों के विवरण, निवेश की जांच तेज
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच अब आर्थिक लेन-देन की दिशा में आगे बढ़ रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने आयकर विभाग से 53 पैन नंबरों की जानकारी मांगी है। ये सभी पैन नंबर गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों और उनके परिजनों व करीबियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि मंदिर से चोरी की गई दान राशि को आरोपियों ने शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निवेश किया हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, पैन नंबरों के जरिए आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों, आय के स्रोत और बड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी की रकम कहां-कहां इस्तेमाल की गई और क्या इसे किसी निवेश माध्यम में लगाया गया था।
पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि चोरी की रकम को किसी वित्तीय माध्यम में लगाया गया होगा तो आयकर विभाग के रिकॉर्ड से इसकी जानकारी आसानी से मिल सकती है।
जांच टीम अब आरोपियों की संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास अचानक कोई बड़ी रकम तो नहीं आई या उनके परिजनों और करीबी लोगों के खातों में कोई संदिग्ध लेन-देन तो नहीं हुआ।
राम मंदिर से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा और दान व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां मामले में हर पहलू की जांच कर रही हैं, ताकि चोरी की रकम की बरामदगी के साथ-साथ पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आयकर विभाग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और चोरी की गई राशि को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

