यूपी कांग्रेस में सहप्रभारियों को मिली जिम्मेदारी, राजेंद्र पाल गौतम ने किया काम का बंटवारा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सोमवार को नवनियुक्त छह सहप्रभारियों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा कर दिया। सभी छह सहप्रभारियों को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम के प्रभारी बनने के बाद संगठनात्मक स्तर पर यह पहला बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सहप्रभारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी मिलने से अब वे अपने निर्धारित इलाकों में पार्टी की गतिविधियों की निगरानी करेंगे। साथ ही स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
कांग्रेस के सामने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय किए जाने से पार्टी को स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। सहप्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की बैठकें लेने, संगठन की गतिविधियों को गति देने और स्थानीय समस्याओं की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने का काम कर सकते हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इन सहप्रभारियों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। उन्हें अपने क्षेत्रों में कांग्रेस के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में नए प्रभारी की ओर से छह सहप्रभारियों को अलग-अलग क्षेत्र सौंपना संगठन को अधिक सक्रिय और विकेंद्रीकृत तरीके से चलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में इन जिम्मेदारियों के आधार पर कांग्रेस की प्रदेश में संगठनात्मक रणनीति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

