कानपुर में बारिश बनी आफत: 50 से ज्यादा सड़कें जलमग्न, जाजमऊ में 18 फीट धंसी सड़क; एयरपोर्ट पार्किंग बनी तालाब
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक हुई झमाझम बारिश के बाद शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। 50 से ज्यादा प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कई जगहों पर वाहन पानी में फंस गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का सबसे बड़ा असर शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर दिखाई दिया। कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया और सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। दक्षिण कानपुर के कई क्षेत्रों सहित गोविंद नगर, साकेत नगर, बर्रा, नौबस्ता, यशोदा नगर और अन्य इलाकों में जलभराव से लोग परेशान रहे। कई स्थानों पर वाहन बंद हो गए और लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
जाजमऊ में सड़क बनी 18 फीट गहरा गड्ढा
बारिश के बाद जाजमऊ इलाके में बड़ा हादसा टल गया। वीआईपी रोड के सरैया चौराहे के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क करीब 18 फीट तक नीचे चली गई और वहां गहरा गड्ढा बन गया। सड़क धंसने के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग कर रास्ते को बंद कर दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के नीचे नाला होने के कारण पानी के रिसाव से जमीन कमजोर हुई और सड़क धंस गई। गड्ढे में बारिश का पानी गिरने से वहां झरने जैसा दृश्य दिखाई देने लगा। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों और वाहन चालकों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बचाया।
आधा दर्जन मार्गों पर गिरे विशाल पेड़
तेज बारिश और हवा के कारण शहर के कई इलाकों में बड़े पेड़ भी गिर गए। आधा दर्जन से ज्यादा मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। नगर निगम की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
एयरपोर्ट की पार्किंग बनी तालाब
बारिश का असर कानपुर एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। चकेरी स्थित एयरपोर्ट की पार्किंग में इतना पानी भर गया कि वह तालाब जैसी नजर आने लगी। यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कई अन्य सरकारी और सार्वजनिक स्थानों पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही।
यातायात व्यवस्था प्रभावित, लोग घरों में कैद
लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति बन गई। कई प्रमुख मार्गों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। जलभराव के कारण लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए निकलने में परेशानी हुई। कई लोगों ने खराब हालात को देखते हुए घरों में रहना ही बेहतर समझा।
नगर निगम की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
बारिश के बाद हुए जलभराव और सड़क धंसने की घटनाओं ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था और सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता।
फिलहाल प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हैं। अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

