Samachar Nama
×

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर राहुल-खड़गे का पीएम मोदी को पत्र, वीडियो में बोले- ट्रस्ट की स्वतंत्र जांच हो, खातों को किया जाए सार्वजनिक

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर राहुल-खड़गे का पीएम मोदी को पत्र, वीडियो में बोले- ट्रस्ट की स्वतंत्र जांच हो, खातों को किया जाए सार्वजनिक

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के उपयोग को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, ताकि हर भक्त को यह जानकारी मिल सके कि धन का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य के लिए किया गया।

ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक करने की मांग

शनिवार को लिखे गए इस पत्र की जानकारी रविवार को सार्वजनिक हुई। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि ट्रस्ट के सभी वित्तीय खातों को सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा और चढ़ावे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब भी मिल सकेगा।कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए जवाबदेही तय की जाए।

"ट्रस्ट के गठन में सरकार की भूमिका रही"

अपने पत्र में राहुल गांधी और खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं संसद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह सरकार की ओर से की गई थी।पत्र में यह भी कहा गया कि ट्रस्ट के कई सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उनसे जुड़े संगठनों से जुड़े रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव प्रधानमंत्री के करीबी माने जाते थे। ऐसे में इस मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी उचित नहीं मानी जा सकती।

"जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी"

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र में कहा कि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए उससे जुड़े वित्तीय मामलों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार और ट्रस्ट दोनों की विश्वसनीयता इसी पर निर्भर करती है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।

राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार

राम मंदिर देश की आस्था और राजनीति, दोनों के लिहाज से बेहद संवेदनशील विषय है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री को लिखे गए इस पत्र के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। फिलहाल केंद्र सरकार या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।यदि सरकार या ट्रस्ट की ओर से इस मामले में कोई जवाब या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो इस विवाद पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Share this story

Tags