रायबरेली में राहुल गांधी का तीखा हमला, RSS, वीडियो में जाने सरकार और आर्थिक नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और देश की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने कई तीखे बयान देते हुए राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि जब RSS के कार्यकर्ता जनता के सामने आएं तो उनसे खुलकर पूछा जाए कि “आपका प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और संगठन गद्दार है और उन्होंने देश को बेचने का काम किया है।” उनके इस बयान ने सभा में मौजूद समर्थकों के बीच जोरदार प्रतिक्रिया पैदा की।
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि “आर्थिक तूफान आ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को इससे बचा नहीं पाएंगे।” राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जनता ने नोटबंदी और कोविड-19 महामारी के समय कठिनाइयों का सामना किया था और भविष्य में भी सरकार की नाकामी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आने वाले समय में वे जनता के सामने “हाथ जोड़कर, भावुक होकर” अपनी बात रखने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन लोग अब वास्तविकता समझ चुके हैं।
रायबरेली के कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी अमेठी पहुंचे, जहां उन्होंने एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। यहां भी उन्होंने केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर “रील्स और मजाक” बनाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश में मजबूत आर्थिक ढांचा खड़ा करने का अवसर खो दिया है। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापार लगातार कमजोर हो रहे हैं और देश में रोजगार के अवसर घटते जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी उनके बयानों का मजाक उड़ाती है, लेकिन असल मुद्दा यह है कि देश की आर्थिक स्थिति और व्यापारिक माहौल लगातार दबाव में है।
राहुल गांधी के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। सत्ताधारी दल की ओर से इन आरोपों पर जवाब आने की संभावना है, जबकि विपक्ष इसे सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाला बयान बता रहा है।
इस तरह राहुल गांधी के लगातार दो कार्यक्रमों में दिए गए बयानों ने एक बार फिर देश की राजनीति में गरमाहट बढ़ा दी है।

