राहुल गांधी का कोर्ट में जवाब- अमित शाह को हत्यारा कहा था, मानहानि की मंशा नहीं थी; सुल्तानपुर कोर्ट में लिखकर दिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणी से जुड़े मामले में अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। राहुल गांधी ने लिखित जवाब में कहा कि उन्होंने अमित शाह को हत्यारा कहा था, लेकिन उनका उद्देश्य मानहानि करना नहीं था। यह मामला सुल्तानपुर की अदालत में चल रहा है।
अदालत में दिए गए लिखित जवाब के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस प्रकरण में राहुल गांधी की टिप्पणी और उसके पीछे की मंशा को लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जा रही है। हालांकि, मामले में अंतिम फैसला क्या होगा, यह अदालत की आगे की कार्यवाही और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
लिखित जवाब में क्या कहा?
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने अदालत में लिखकर दिया कि उन्होंने अमित शाह के लिए कथित तौर पर ‘हत्यारा’ शब्द का इस्तेमाल किया था, लेकिन उनकी मंशा मानहानि करने की नहीं थी। इस जवाब के जरिए उन्होंने टिप्पणी के संबंध में अपना पक्ष रखा।
मानहानि से जुड़े मामलों में अदालत यह देखती है कि संबंधित बयान किस संदर्भ में दिया गया, उससे शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप किस आधार पर लगाया गया और कानून के तहत मामला बनता है या नहीं। केवल किसी बयान को लेकर विवाद होना अपने आप में अंतिम कानूनी निष्कर्ष नहीं होता।
2018 के बयान से जुड़ा है मामला
यह मामला 8 मई 2018 को कर्नाटक के बेंगलुरु में एक जनसभा के दौरान दिए गए राहुल गांधी के बयान से जुड़ा है। उस समय अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। राहुल गांधी ने अपने भाषण में शाह का जिक्र करते हुए उनके खिलाफ हत्या के मामले में आरोपी होने की बात कही थी। इस टिप्पणी से आहत होकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
दोनों पक्षों की बहस पूरी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने नौ पन्नों की लिखित बहस दाखिल की। वहीं, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अपनी दलीलें रखीं और न्यायिक फैसलों का हवाला दिया।
अब अदालत की अगली कार्रवाई पर नजर है। रिपोर्ट के अनुसार, 12 अक्टूबर को अदालत फैसले की तारीख तय कर सकती है। यह तारीख तय होने की संभावना है, अंतिम फैसला सुनाए जाने की पुष्टि नहीं।
इस मामले में राहुल गांधी का पक्ष है कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य मानहानि करना नहीं था। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने बयान को मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और मामले में उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।

