राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर यूपी में बढ़ा विरोध, लखनऊ-वाराणसी-मथुरा समेत कई शहरों में प्रदर्शन
दिल्ली में संसद भवन के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश में विवाद बढ़ता जा रहा है। शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। लखनऊ, वाराणसी, मथुरा समेत कई जगहों पर लोगों और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर और उससे जुड़ी आस्था के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए नारेबाजी की और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
लखनऊ में प्रदर्शन, जताया विरोध
राजधानी लखनऊ में प्रदर्शनकारियों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध जताया। लोगों ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर किसी भी तरह की टिप्पणी या प्रदर्शन से भावनाएं आहत होती हैं।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखी और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
वाराणसी और मथुरा में भी दिखा आक्रोश
धार्मिक नगरी वाराणसी और मथुरा में भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। संत समाज और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने मामले पर नाराजगी जाहिर की।
मथुरा के गोवर्धन में साधु-संतों ने प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका और विरोध दर्ज कराया। वहीं, वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह हो सकता है, लेकिन सनातन परंपराओं और साधु-संतों के सम्मान से जुड़े विषयों पर मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
संसद के बाहर प्रदर्शन के बाद गरमाया मामला
दरअसल, दिल्ली के संसद परिसर के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष की ओर से प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और धार्मिक बहस का विषय बन गया।
यूपी में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब यह विवाद और बढ़ता दिखाई दे रहा है। अलग-अलग संगठनों की ओर से इस मामले पर बयान जारी किए जा रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई गई
विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए कई शहरों में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

