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श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आंदोलन की तैयारी तेज, वीडियो में जाने कांवड़ मेले के बाद कार सेवा की तारीख होगी घोषित: अखाड़ा परिषद

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आंदोलन की तैयारी तेज, वीडियो में जाने कांवड़ मेले के बाद कार सेवा की तारीख होगी घोषित: अखाड़ा परिषद

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा को लेकर संत समाज ने आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा है कि कांवड़ मेले के समापन के बाद कार सेवा की तारीख की घोषणा की जाएगी। इस मुद्दे पर मंगलवार को हरिद्वार स्थित निरंजनी अखाड़े में संतों की अहम बैठक भी आयोजित की गई।

'चलो मथुरा चलें' का संतों का आह्वान

बैठक के बाद श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि देशभर के संतों ने "चलो मथुरा चलें" का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचे थे, उसी तरह अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए भी देशभर से संत और श्रद्धालु मथुरा पहुंचेंगे।उन्होंने कहा कि सभी संतों की एक ही मांग है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाए।

कांवड़ मेले के बाद होगी कार सेवा

रविंद्रपुरी महाराज ने स्पष्ट कहा कि कार सेवा निश्चित रूप से होगी। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेला समाप्त होने के बाद इसकी तिथि घोषित की जाएगी।इस वर्ष कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद देशभर के संत, महात्मा और श्रद्धालुओं को मथुरा पहुंचने का आह्वान किया जाएगा।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव को भी बुलाने की बात

संत समाज ने कहा कि प्रस्तावित कार सेवा में सभी वर्गों और राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। इसी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी कार सेवा में शामिल होने का निमंत्रण देने की बात कही गई।

योगी सरकार से तिथि घोषित करने की मांग

वहीं, काली सेना के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि 9 अगस्त से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण की तिथि घोषित की जाए। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण को लेकर सरकार जल्द स्पष्ट निर्णय ले।

मामला न्यायालय में विचाराधीन

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर से जुड़े कई मामले फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे में संत समाज की ओर से कार सेवा और मंदिर निर्माण की मांग को लेकर की गई घोषणाओं ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।अब कांवड़ मेले के समापन के बाद संत समाज की अगली रणनीति और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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