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आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन की तैयारी, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल

आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन की तैयारी, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों को लेकर उनके समर्थक दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनमें समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। हालांकि वायरल हो रही इन पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 30 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इन पोस्ट के जरिए आजम खान, उनके परिवार और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों को लेकर आवाज उठाने की अपील की गई है। कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और फैन पेजों से इस आंदोलन को लेकर संदेश साझा किए जा रहे हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही कार्रवाई बना मुद्दा

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से कानूनी विवादों को लेकर चर्चा में है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी परिसर में बने कई भवनों को नियमों के विपरीत बताते हुए कार्रवाई का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में मामले में अंतरिम राहत मिलने के बाद छात्रों का धरना समाप्त हुआ।

प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच आजम खान समर्थक इसे मुद्दा बनाकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं और कार्रवाई का विरोध करेंगे।

आजम खान और परिवार से जुड़े मामले

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। इनमें दो जन्म प्रमाण पत्र मामले सहित कई अन्य प्रकरण शामिल हैं, जिनमें अदालतों में सुनवाई चल चुकी है।

वहीं, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों और प्रशासनिक विभागों की कार्रवाई भी जारी रही है। यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट को लेकर वित्तीय और निर्माण संबंधी जांच की खबरें सामने आती रही हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता पर सवाल

इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि अभी तक इन पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आंदोलन की वास्तविक स्थिति और इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन कितना प्रभावी रहता है और आजम खान समर्थकों की इस रणनीति का राजनीतिक असर क्या पड़ता है।

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