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प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड पर परिजनों के गंभीर आरोप, शव छिपाने और लापरवाही का दावा

प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड पर परिजनों के गंभीर आरोप, शव छिपाने और लापरवाही का दावा

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हादसे में तीन मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।

शव छिपाने का आरोप

मृतकों के परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन ने शवों को छिपाने की कोशिश की। उनका कहना है कि आग लगने के बाद स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और परिजनों को काफी देर तक वास्तविक स्थिति से अनजान रखा गया।

स्टाफ के भागने का दावा

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही अस्पताल का कुछ स्टाफ मरीजों की मदद करने के बजाय मौके से भाग गया। उनका कहना है कि यदि समय पर राहत और बचाव कार्य किया जाता तो नुकसान कम हो सकता था।

क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने की चर्चा

घटना के बाद यह बात भी सामने आई है कि अस्पताल में निर्धारित क्षमता से अधिक मरीज भर्ती थे। इससे आपात स्थिति में मरीजों को बाहर निकालने और राहत कार्य संचालित करने में कठिनाई हुई। हालांकि प्रशासनिक जांच के बाद ही इन दावों की पुष्टि हो सकेगी।

फायर सिस्टम पर उठे सवाल

अग्निकांड के बाद अस्पताल के फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि आग लगने के दौरान सुरक्षा उपकरण प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सके, जिससे धुआं और आग तेजी से फैल गई।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।

प्रशासन ने शुरू की जांच

जिला प्रशासन और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों, भवन की क्षमता और आपातकालीन व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस

इस हादसे ने निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने अस्पतालों की नियमित सुरक्षा जांच और सख्त निगरानी की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है। मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ हादसे की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी जारी है।

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