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अखिलेश यादव के ‘चिलम’ वाले AI वीडियो पर सियासी घमासान, BJP ने बताया साधु-संतों और सनातन का अपमान

अखिलेश यादव के ‘चिलम’ वाले AI वीडियो पर सियासी घमासान, BJP ने बताया साधु-संतों और सनातन का अपमान

उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाए गए वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से जुड़े एक AI वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। बीजेपी ने इस वीडियो को साधु-संतों और सनातन धर्म का अपमान बताते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो बीजेपी की ओर से जारी किए गए ‘टीपू’ वाले AI वीडियो के जवाब में सामने आया था। इसके बाद प्रदेश में AI के जरिए राजनीतिक वार-पलटवार का सिलसिला तेज हो गया है। दोनों प्रमुख दल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं।

AI वीडियो को लेकर BJP का विरोध

बीजेपी नेताओं ने अखिलेश यादव से जुड़े इस AI वीडियो पर नाराजगी जताते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों और साधु-संतों को लेकर इस तरह की सामग्री बनाना अनुचित है। पार्टी ने आरोप लगाया कि वीडियो के जरिए सनातन आस्था और संत समाज का अपमान करने की कोशिश की गई है।

बीजेपी का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन धर्म और धार्मिक भावनाओं को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। पार्टी ने समाजवादी पार्टी से इस मामले में जवाब मांगते हुए वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सपा ने BJP के वीडियो का दिया जवाब

इस विवाद की शुरुआत बीजेपी के एक AI वीडियो से हुई थी, जिसमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर तंज किया गया था। इसके जवाब में सपा समर्थकों की ओर से कथित तौर पर AI वीडियो जारी किया गया, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

सपा की ओर से बीजेपी के वीडियो को भी राजनीतिक हमला बताया गया और कहा गया कि सत्ताधारी दल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की सामग्री का सहारा ले रहा है।

चुनावी राजनीति में AI का बढ़ता इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। अब राजनीतिक दल प्रचार और विरोध के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि, AI से तैयार किए गए वीडियो की विश्वसनीयता और उनके दुरुपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक जहां रचनात्मक प्रचार का माध्यम बन सकती है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल भ्रम फैलाने और छवि खराब करने के लिए भी किया जा सकता है। ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच करना बेहद जरूरी हो जाता है।

यूपी की सियासत में बढ़ा डिजिटल वार

अखिलेश यादव से जुड़े AI वीडियो विवाद ने एक बार फिर यूपी की राजनीति में डिजिटल लड़ाई को सामने ला दिया है। बीजेपी और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों दल सोशल मीडिया को जनता तक अपनी बात पहुंचाने के अहम माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

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