BRICS बैठक बिना आम सहमति के समाप्त होने पर सियासी बयानबाज़ी तेज, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
ब्रिक्स (BRICS) की उप विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की हालिया बैठक बिना किसी आम सहमति के समाप्त होने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं और विदेश नीति को लेकर आलोचना की है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश Jairam Ramesh ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत द्वारा अपनाए गए रुख को कई देशों के प्रतिनिधियों ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों ने भारत के दृष्टिकोण पर सहमति नहीं जताई।
जयराम रमेश के अनुसार, बैठक में ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच कुछ अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके कारण यह बैठक किसी संयुक्त निष्कर्ष के बिना समाप्त हो गई। उन्होंने इसे भारत की कूटनीतिक स्थिति से जोड़ते हुए सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए।
ब्रिक्स BRICS एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। हाल के वर्षों में इसमें नए देशों को भी जोड़ा गया है, जिससे इसका वैश्विक प्रभाव और बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुपक्षीय संगठनों में कई बार विभिन्न देशों के हित और दृष्टिकोण अलग-अलग होने के कारण आम सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में किसी बैठक का बिना निष्कर्ष के समाप्त होना असामान्य नहीं माना जाता।
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि यह घटना भारत की विदेश नीति की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। वहीं, सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी होने की संभावना जताई जा रही है।

