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जौनपुर में पुलिसकर्मियों ने iPhone चुराया, सीसीटीवी में कैद घटना

जौनपुर में पुलिसकर्मियों ने iPhone चुराया, सीसीटीवी में कैद घटना

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के लाइन बाजार थाना क्षेत्र में स्थित एक मोबाइल शोरूम से दो पुलिसकर्मियों ने महंगा iPhone चोरी कर लिया।

घटना की जानकारी CCTV फुटेज में स्पष्ट रूप से सामने आई। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे दोनों पुलिसकर्मी शोरूम में प्रवेश करते हैं और चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। इस फुटेज के वायरल होने के बाद शोरूम मालिक ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिससे मामला सार्वजनिक हुआ और पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस अधीक्षक ने इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों सिपाहियों — मिथिलेश और धनंजय — को सस्पेंड कर दिया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए ताकि पूरी घटना की सत्यता और कारणों की जांच हो सके।

अधिकारियों ने बताया कि चोरी किया गया मोबाइल फोन शोरूम मालिक को वापस कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। आम जनता में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी और विश्वास में कमी देखने को मिली है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिसकर्मी इस तरह के अशोभनीय व्यवहार में लिप्त होना गंभीर अनुशासनहीनता है। यह न केवल विभाग की प्रतिष्ठा को चोट पहुँचाता है, बल्कि आम लोगों के पुलिस पर भरोसे को भी प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सुरक्षा देने वाले ही चोरी और अपराध में लिप्त हो सकते हैं, तो आम नागरिकों का भरोसा किस पर रहेगा। पुलिसकर्मी अपने पेशेवर आचार संहिता का पालन करें, यही समाज और विभाग दोनों की जिम्मेदारी है।

जौनपुर पुलिस ने भी जनता से अपील की है कि जांच पूरी होने तक अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने कहा कि सस्पेंड किए गए सिपाहियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कुल मिलाकर, जौनपुर की यह घटना पुलिस विभाग की छवि को शर्मसार करने वाली है। दो पुलिसकर्मियों द्वारा iPhone चोरी न केवल विभागीय अनुशासन पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि सामाजिक विश्वास और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चेतावनी है। प्रशासन और पुलिस विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि इस तरह की घटनाओं को दूरी और कड़ी कार्रवाई के जरिए रोका जाए।

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