मिशन शक्ति के तहत छात्रा पिंकी कुमारी बनीं थाना प्रभारी, कुर्सी पर बैठते ही सिपाहियों ने किया सैल्यूट; सुनीं जन शिकायतें
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक खास पहल देखने को मिली। यहां छात्रा पिंकी कुमारी को एक दिन के लिए थाना प्रभारी बनाया गया। थाना प्रभारी की कुर्सी पर बैठते ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें सैल्यूट किया। इसके बाद पिंकी कुमारी ने थाने में आने वाले लोगों की शिकायतें सुनीं और उनकी समस्याओं को समझा।
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और महिलाओं व बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। पिंकी कुमारी के थाना प्रभारी बनने का अनुभव उनके लिए खास रहा। पुलिसकर्मियों की ओर से सम्मान मिलने और जन शिकायतें सुनने का मौका मिलने से उन्हें प्रशासनिक कामकाज को करीब से समझने का अवसर मिला।
थाना प्रभारी बनते ही पुलिसकर्मियों ने किया सैल्यूट
मिशन शक्ति अभियान के तहत पिंकी कुमारी को थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। जैसे ही वह थाना प्रभारी की कुर्सी पर बैठीं, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें सैल्यूट किया। इसके बाद उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली को समझते हुए शिकायत लेकर पहुंचे लोगों की बातें सुनीं।
इस दौरान पिंकी कुमारी ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस पहल के जरिए छात्राओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पुलिस थाने में शिकायत कैसे दर्ज कराई जाती है और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस किस तरह काम करती है।
क्या है मिशन शक्ति अभियान?
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके तहत महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, महिला अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
अभियान के दौरान छात्राओं को पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ने के लिए भी पहल की जाती है। छात्राओं को सांकेतिक रूप से जिम्मेदारी सौंपने का उद्देश्य उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
छात्राओं में बढ़ेगा आत्मविश्वास
पिंकी कुमारी को थाना प्रभारी बनाए जाने की पहल छात्राओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। इससे उन्हें पुलिस व्यवस्था को नजदीक से देखने और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, ऐसी गतिविधियां बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
गोंडा में मिशन शक्ति के तहत हुई इस पहल ने महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का संदेश दिया।

