उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध पीलीभीत टाइगर रिजर्व में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को देखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क हो गया है। जंगल सफारी और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जिसके चलते आसपास बने होमस्टे, रिसॉर्ट्स और पर्यटक ठहराव स्थलों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सभी प्रतिष्ठानों में तय मानकों का पालन कराना है।
कलीनगर तहसील प्रशासन ने तहसीलदार के नेतृत्व में विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत टाइगर रिजर्व के आसपास संचालित होमस्टे और रिसॉर्ट्स का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम आग से बचाव के इंतजाम, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था और भवनों की सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित संचालकों के पास आवश्यक अनुमति और दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पिछले कुछ समय में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है, जिससे कई नए होमस्टे और रिसॉर्ट्स खुले हैं। हालांकि इनमें से कई जगहों पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई स्थानों पर फायर एक्सटिंग्विशर, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और विद्युत सुरक्षा प्रणाली की स्थिति का जायजा लिया। कुछ प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी होटल, रिसॉर्ट या होमस्टे में गंभीर लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तहसील प्रशासन का मानना है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनता जा रहा है। ऐसे में यहां आने वाले लोगों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पर्यटन गतिविधियां नियमों के तहत संचालित हों और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संचालकों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र की पर्यटन छवि मजबूत होगी और पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा। कई संचालकों ने कहा कि वे सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करेंगे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता, बाघों की मौजूदगी और प्राकृतिक सुंदरता के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। हर साल यहां हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई पर्यटन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

