विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज है और यह नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
तेजी से बढ़ा पासपोर्ट जारी करने का आंकड़ा
मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक 1.39 करोड़ से अधिक पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि पासपोर्ट सेवाओं को अधिक सुलभ और तेज बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
पासपोर्ट सेवा केंद्रों का विस्तार
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। इससे नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने में अधिक सुविधा मिल रही है और प्रक्रिया पहले से अधिक तेज हुई है।
वीजा-मुक्त यात्रा में भी बढ़ोतरी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त (visa-free) देशों की संख्या बढ़कर 27 देश हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा पहले से अधिक आसान हुई है।
पासपोर्ट सेवाओं में सुधार पर जोर
मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल सेवाओं और केंद्रों के विस्तार से पासपोर्ट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया गया है, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवा मिल सके।

