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पाकिस्तान की महिला रामपुर में सरकारी टीचर, 34 साल से रह रही, पोल खुली तो चली गई नौकरी, FIR भी दर्ज

पाकिस्तान की महिला रामपुर में सरकारी टीचर, 34 साल से रह रही, पोल खुली तो चली गई नौकरी, FIR भी दर्ज

उत्तर प्रदेश के रामपुर में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक पाकिस्तानी महिला ने भारतीय नागरिकता बनाकर और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बेसिक शिक्षा परिषद में सरकारी टीचर की नौकरी पा ली। इस खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी महिला की पहचान फरजाना बी उर्फ ​​माहिरा अख्तर के रूप में हुई है, जो सिद्दीक हसन खान की पत्नी है और फिलहाल वह थाना शहर के मोहल्ला खंडसर (पीर की पैठ) में रहती है। पाकिस्तानी नागरिक होने के बावजूद उसने फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। इसी गलत दस्तावेज का इस्तेमाल करके उसने सैयदनगर विकास खंड के कुम्हारिया प्राइमरी स्कूल में असिस्टेंट टीचर की नौकरी पा ली।

क्या है मामला?

जांच में पता चला कि फरजाना बी मूल रूप से भारत की रहने वाली थी। अगस्त 1979 में शादी के बाद वह पाकिस्तान चली गई और वहां उसने पाकिस्तानी नागरिकता ले ली। हालांकि, वहां पति से विवाद के बाद उसने अपना नाम बदल लिया और अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ रामपुर लौट आई। 1985 में उसने रामपुर के रहने वाले सिद्दीक हसन खान से शादी कर ली। इसके बाद, भारत सरकार ने उसे लॉन्ग-टर्म वीज़ा (LTV) दे दिया। LTV वाले विदेशी नागरिक सरकारी नौकरी के लिए एलिजिबल नहीं होते, लेकिन महिला ने अपनी विदेशी नागरिकता छिपाकर सरकारी अधिकारियों को गुमराह किया।

पुलिस जांच कर रही है
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि अपॉइंटमेंट के समय डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस में कहां गलती हुई। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और दूसरे सबूतों के आधार पर जल्द ही और गिरफ्तारियां या डिपार्टमेंटल कार्रवाई की जाएगी।

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