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कानपुर में ओवैसी का 55 मिनट भाषण, कब्रिस्तान से अस्पताल तक उठाए स्थानीय मुद्दे

कानपुर में ओवैसी का 55 मिनट भाषण, कब्रिस्तान से अस्पताल तक उठाए स्थानीय मुद्दे

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कानपुर के बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में जनसभा को संबोधित किया। करीब 55 मिनट के अपने भाषण में ओवैसी ने स्थानीय समस्याओं से लेकर प्रदेश की राजनीति तक कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कब्रिस्तान की जमीन पर कार्रवाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा से जुड़े मामलों को लेकर अपनी बात रखी।

कब्रिस्तान की कार्रवाई का मुद्दा उठाया

ओवैसी ने कानपुर के बर्रा क्षेत्र में कब्रिस्तान की जमीन पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सवाल उठाए। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर सवाल खड़े किए। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कब्रिस्तान की कार्रवाई को वक्फ कानूनों के संदर्भ में भी उठाया।

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से जुड़े ऐसे मुद्दों पर राजनीतिक दलों को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। ओवैसी ने अपने भाषण में मुस्लिम समाज की शिक्षा और विकास से जुड़े सवाल भी उठाए।

100 बेड के अस्पताल की सुविधा का जिक्र

जनसभा में ओवैसी ने स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने रिजवान उल्लाह अस्पताल में 100 बेड की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। उनका जोर स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर रहा।

कानपुर में 100 बेड के सरकारी अस्पताल को शुरू करने की मांग को लेकर अलग-अलग स्तर पर आवाज उठती रही है। ऐसे में ओवैसी ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं को अपने भाषण के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया।

बाबूपुरवा-बेगमपुरवा में इंटर कॉलेज की मांग

ओवैसी ने बाबूपुरवा और बेगमपुरवा क्षेत्र में सरकारी इंटर कॉलेज की जरूरत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने शिक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की समस्याओं का जिक्र करते हुए सरकारी स्तर पर बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।

ओवैसी ने अपने भाषण में मुस्लिम समाज की शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय मुस्लिम समाज को याद किया जाता है, लेकिन शिक्षा, रोजगार और विकास के मामलों में पर्याप्त काम नहीं हुआ।

2027 के चुनाव को लेकर भी बोले ओवैसी

कानपुर की सभा में ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि AIMIM अन्य गैर-भाजपा दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है और इस संबंध में फैसला 2 अक्टूबर तक किया जा सकता है।

उन्होंने समाजवादी पार्टी समेत अन्य दलों पर भी निशाना साधा। हालांकि, गठबंधन को लेकर अंतिम तस्वीर अभी साफ नहीं है। ओवैसी के कानपुर दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

फिलहाल कानपुर की जनसभा में उठाए गए स्थानीय मुद्दों में कब्रिस्तान, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रमुख रहे। आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर AIMIM की ओर से क्षेत्र में आगे क्या गतिविधियां की जाती हैं, इस पर नजर रहेगी।

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