ओपी राजभर ने की मुख्यमंत्री योगी से अधिकारियों की शिकायत, बोले- अपने ही विभाग में नहीं सुनी जा रही बात
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के रवैये को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। राजभर का आरोप है कि विभागीय अधिकारी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और कई मामलों में निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
ओपी राजभर ने अधिकारियों के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मंत्री होने के बावजूद यदि विभागीय स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी जाएगी तो योजनाओं और नीतियों को जमीन तक पहुंचाने में दिक्कत आएगी। उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत बताई है।
अधिकारियों के रवैये से नाराज मंत्री
सूत्रों के अनुसार, ओपी राजभर लंबे समय से अपने विभाग के कुछ अधिकारियों के काम करने के तरीके से असंतुष्ट बताए जा रहे थे। उनका कहना है कि जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की शिकायत की।
राजभर ने अधिकारियों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार की मंशा जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है, लेकिन यदि अधिकारी ही सहयोग नहीं करेंगे तो काम प्रभावित होगा। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की उम्मीद
ओपी राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले से अवगत कराते हुए अधिकारियों के खिलाफ उचित कदम उठाने की मांग की है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्तर से इस मामले में अधिकारियों को निर्देश दिए जा सकते हैं।
योगी सरकार में मंत्रियों और अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। सरकार लगातार अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश देती रही है।
विभागीय कामकाज को लेकर उठे सवाल
राजभर की शिकायत के बाद विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे मंत्री और अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ओपी राजभर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह समय-समय पर प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय सुधारने के लिए क्या निर्देश जारी किए जाते हैं।

