एक के बाद एक हादसे फिर नही जागा प्रशासन, जिस नाले में इंजीनियर ने तोड़ा दम वहां बाल-बाल बचा ट्रक ड्राईवर
26 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की शुक्रवार शाम (16 जनवरी) को नोएडा के सेक्टर 150 में उनकी कार नाले में गिरने से मौत हो गई। घने कोहरे की वजह से उन्हें सड़क नहीं दिखी और उनकी कार नाले में गिर गई। समय पर मदद न मिलने की वजह से प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगा है। वहां कोई साइनबोर्ड या चेतावनी के निशान नहीं थे। अगर समय पर मदद मिल जाती, तो युवराज आज अपने माता-पिता के साथ सुरक्षित होते।
प्रशासन की लापरवाही का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिन पहले उसी जगह पर एक ट्रक का भी एक्सीडेंट हुआ था। उस ट्रक एक्सीडेंट में नाला टूट गया था। अगर उस समय नाले की मरम्मत कर दी जाती, तो इस जानलेवा हादसे से बचा जा सकता था।
ट्रक एक्सीडेंट भी कोहरे की वजह से हुआ था
यह साफ तौर पर नोएडा अथॉरिटी के संबंधित अधिकारियों की लापरवाही दिखाता है, क्योंकि ट्रक एक्सीडेंट वाले दिन के वीडियो में पुलिस अधिकारी दिख रहे हैं। ट्रक एक्सीडेंट भी कोहरे की वजह से हुआ था। वीडियो में साफ तौर पर घना कोहरा दिख रहा है, लेकिन कोई साइनबोर्ड या बैरिकेड नहीं हैं।
ट्रक ड्राइवर से नाले की मरम्मत का खर्च देने के लिए कहा गया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक ड्राइवर का नाम गुरविंदर सिंह है। उन्होंने कहा कि वह खुशकिस्मत थे कि बच गए, लेकिन प्रशासन की लापरवाही की वजह से युवराज जैसे और कितने लोगों को मरना पड़ेगा? एक्सीडेंट वाले दिन को याद करते हुए गुरविंदर सिंह ने बताया कि वहां कोई साइनबोर्ड या बैरिकेड नहीं थे। उन्हें लगा कि आगे सड़क होगी, लेकिन नाले की वजह से उनके ट्रक के आगे के पहिये फंस गए। ट्रक रात 12 बजे फंसा और अगले चार घंटे तक वहीं रहा। ट्रक ड्राइवर ने बताया कि 2-3 पुलिसवाले वहां आए थे, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की। अगले दिन, दोपहर में, नोएडा अथॉरिटी की एक टीम आई और मदद करने के बजाय, वे गुरविंदर सिंह से पूछने लगे कि टूटे हुए नाले की मरम्मत का खर्च कौन देगा।

