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सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी पर प्रयागराज के मंदिरों में उमड़ी भीड़, नागवासुकी मंदिर में लंबी कतारें

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी पर प्रयागराज के मंदिरों में उमड़ी भीड़, नागवासुकी मंदिर में लंबी कतारें

प्रयागराज में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के विशेष संयोग पर सोमवार सुबह से ही प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। संगम नगरी के प्राचीन मंदिरों में भगवान शिव और नाग देवता के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। नाग पंचमी के अवसर पर नागवासुकी मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।

श्रद्धालुओं ने भगवान नागवासुकी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के चलते नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

सुबह से मंदिरों में लगी लंबी कतारें

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के कारण प्रयागराज के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे।

नागवासुकी मंदिर में भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। दर्शन के लिए श्रद्धालु कतारों में खड़े रहे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भक्तिमय माहौल नजर आया।

नागवासुकी मंदिर में विशेष पूजा

प्रयागराज का प्राचीन नागवासुकी मंदिर नाग पंचमी के अवसर पर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान नागवासुकी का दर्शन-पूजन किया। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की।

सावन के सोमवार के कारण भगवान शिव की आराधना के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कई भक्तों ने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की।

संगम नगरी में पहुंचे कांवड़िए

नाग पंचमी और सावन सोमवार के मौके पर प्रयागराज में कांवड़ियों के जत्थे भी पहुंचते रहे। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिरों के आसपास सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंतजाम किए गए। प्रशासन और पुलिस की टीमें भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी रहीं।

मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना

नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं ने भगवान नागवासुकी की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों का मानना है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के एक साथ पड़ने से इस बार प्रयागराज के मंदिरों में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। सुबह से शुरू हुई श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में चहल-पहल बनी रही।

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