हमीरपुर में बेटी के जन्म पर परिवार ने निकाला 13 स्कॉर्पियो का काफिला, शहर गूंजा ढोल-डीजे की थाप पर
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर में एक परिवार ने अपनी नन्ही परी के जन्म पर शहर में धूमधाम से जश्न मनाया। परिवार की खुशी इतनी बड़ी थी कि उन्होंने पूरे मोहल्ले को ढोल-डीजे की थाप से गूंजते हुए कर दिया। खास बात यह रही कि इस खुशी में उन्होंने 13 स्कॉर्पियो गाड़ियों का काफिला भी निकाला, जो देखते ही बन रहा था।
जानकारी के अनुसार, यह परिवार लंबे समय से संतान की प्रतीक्षा कर रहा था। कई सालों की कोशिशों के बाद एक पीढ़ी के बाद घर में बेटी आई, जिससे परिवार और मोहल्ले के लोगों की खुशी दोगुनी हो गई। परिवार के सदस्यों ने बेटी के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए। घर में रंगोली सजाई गई, लाइटिंग की गई और बाहर सड़कों पर ढोल-डीजे की व्यवस्था कर दी गई।
शहर में काफिला निकलते ही मोहल्ले के लोग भी इस जश्न में शामिल हो गए। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबने खुशी में नाच-गाना शुरू कर दिया। स्कॉर्पियो गाड़ियों का यह काफिला जैसे पूरे शहर में उत्सव की लहर दौड़ा गया। लोग अपनी गाड़ियों से पीछे-पीछे चलकर परिवार की खुशी में शरीक हुए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना मोहल्ला फत्तेपुर के लिए भी खास है। अक्सर लोग केवल छोटी-सी खुशियों पर ही जश्न मनाते हैं, लेकिन इस बार पूरे मोहल्ले में बेटी के जन्म की खुशी का उत्सव देखने को मिला। कई लोगों ने कहा कि बेटी का जन्म एक वरदान के समान है और इसे ऐसे ही उत्साह के साथ मनाना चाहिए।
परिवार के मुखिया ने बताया कि लंबे समय से उन्होंने संतान की प्रतीक्षा की थी। इस खुशी को व्यक्त करने का यही सबसे सही तरीका था। उन्होंने कहा, "हमारी बेटी हमारे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। उसके स्वागत में जो उत्सव हमने मनाया, वह हमारी भावनाओं का प्रतीक है।"
इस दौरान मोहल्ले में सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए स्थानीय पुलिस और पारिवारिक मित्र भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे जश्न देखने को कम ही मिलते हैं, खासकर जब परिवार इस तरह से अपनी खुशी का इजहार करता है।
सोशल मीडिया पर भी इस जश्न की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए हैं। लोग परिवार की इस खुशहाल पहल की सराहना कर रहे हैं। कई लोग इसे बेटी के महत्व और समाज में उसकी भूमिका को स्वीकार करने की मिसाल बता रहे हैं।
इस पूरे उत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बेटियां केवल परिवार की खुशियों का हिस्सा ही नहीं होतीं, बल्कि समाज में जीवन के रंग भरने वाली नन्ही परी भी होती हैं। हमीरपुर के इस मोहल्ले में यह जश्न लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

