Samachar Nama
×

नोएडा हिंसक प्रदर्शन मामला: आकृति चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, वीडियो में जाने NSA के तहत हिरासत आदेश रद्द; 5 लाख मुआवजे का आदेश

नोएडा हिंसक प्रदर्शन मामला: आकृति चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, वीडियो में जाने NSA के तहत हिरासत आदेश रद्द; 5 लाख मुआवजे का आदेश

नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत उनके खिलाफ जारी डिटेंशन ऑर्डर को रद्द कर दिया। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आकृति चौधरी की हिरासत राज्य सरकार की ओर से पेश की गई एक 'गढ़ी हुई कहानी' पर आधारित थी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि किसी अन्य मामले में उनकी गिरफ्तारी जरूरी नहीं है तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।

नोएडा हिंसक प्रदर्शन मामले में हुई थी गिरफ्तारी

आकृति चौधरी को नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। प्रशासन ने उन पर प्रदर्शन को भड़काने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप लगाए थे।इसके बाद उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करते हुए डिटेंशन ऑर्डर जारी किया गया था। आकृति ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने रद्द किया NSA का आदेश

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए तथ्यों और कार्रवाई के आधारों की समीक्षा की। अदालत ने कहा कि हिरासत का आधार पर्याप्त और विश्वसनीय नहीं पाया गया।कोर्ट ने माना कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता छीनने जैसी गंभीर कार्रवाई के लिए मजबूत और ठोस आधार होना जरूरी है।नोएडा DM के वेतन से देना होगा 5 लाख मुआवजाहाईकोर्ट ने आकृति चौधरी को राहत देते हुए उन्हें 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने यह राशि नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम के वेतन से दिए जाने का निर्देश दिया है।कोर्ट का यह आदेश प्रशासनिक कार्रवाई में जवाबदेही तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा था जवाब

इससे पहले मंगलवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। अदालत ने पूछा था कि क्या एफआईआर दर्ज करने से पहले आकृति चौधरी को शांति भंग की आशंका के तहत नोटिस जारी किया गया था या नहीं।इसके अलावा कोर्ट ने मजदूरों को कथित तौर पर भड़काने वाले वीडियो और वॉट्सऐप चैट की पूरी जानकारी भी मांगी थी।

फैसले के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। अदालत के आदेश ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने से पहले पर्याप्त सबूत और उचित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद आकृति चौधरी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर बनी हुई है।

Share this story

Tags