Noida PPP Model Bus Terminal: एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा नोएडा बस टर्मिनल, राजस्थान-हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए मिलेंगी 24 घंटे बसें
उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा रोडवेज बस डिपो को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की मंजूरी दे दी है। अब नोएडा बस डिपो को पीपीपी (Public Private Partnership) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। यह नया बस टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की तर्ज पर हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को राजस्थान, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों के लिए बस पकड़ने के लिए दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां से 24 घंटे अंतरराज्यीय बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बस टर्मिनल
नए हाईटेक बस टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित परिसर में मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग मॉल, फूड कोर्ट, होटल और अंडरग्राउंड पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी।
इससे बस से सफर करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का अनुभव मिलेगा। साथ ही यह टर्मिनल नोएडा के एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
दिल्ली जाने की जरूरत होगी खत्म
अभी नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को कई अंतरराज्यीय रूटों के लिए दिल्ली के बस अड्डों पर निर्भर रहना पड़ता है। नए टर्मिनल के बनने के बाद राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए सीधे बस सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और दिल्ली के बस अड्डों पर बढ़ने वाले दबाव को भी कम किया जा सकेगा।
नोएडा-ग्रेनो डिपो में 305 सीएनजी बसें
वर्तमान में नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो के पास करीब 305 सीएनजी बसें हैं। ये बसें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न रूटों पर संचालित होती हैं।
भविष्य में हाईटेक टर्मिनल बनने के बाद बस सेवाओं का विस्तार होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे।
रोजगार और कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा
पीपीपी मॉडल पर बनने वाले इस बस टर्मिनल से न सिर्फ परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मॉल, होटल, फूड कोर्ट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य बेहतर यातायात व्यवस्था
उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में अत्याधुनिक बस टर्मिनल बनने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और शहर की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

