माफिया राज पर शिकंजे के बीच यूपी में उभरे नए गैंग, पूर्वांचल के तीन जिलों में 165 गिरोह चिह्नित
उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई के दावों के बीच नए आपराधिक गिरोहों के उभरने का मामला सामने आया है। पूर्वांचल के वाराणसी से सटे तीन जिलों—चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर—में की गई पड़ताल में कुल 165 सक्रिय गैंग चिह्नित किए गए हैं। इन गिरोहों के सरगनाओं समेत 1,080 सदस्यों की सूची तैयार की गई है।
तीन जिलों में सक्रिय हैं 165 गैंग
पुलिस और खुफिया एजेंसियों द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, इन जिलों में विभिन्न प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त गिरोह सक्रिय हैं। इनमें भूमि कब्जा, अवैध वसूली, शराब और खनन से जुड़े अपराध, रंगदारी, मारपीट तथा अन्य संगठित अपराध शामिल बताए जा रहे हैं।
तैयार की गई सूची में गैंग लीडरों के साथ उनके नेटवर्क में शामिल सदस्यों का भी विवरण दर्ज किया गया है, ताकि उन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
1080 सदस्यों की बनी सूची
अधिकारियों ने इन 165 गैंगों से जुड़े कुल 1,080 लोगों की पहचान की है। इनमें गैंग संचालक, सक्रिय सदस्य और सहयोगी शामिल हैं। पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड, आर्थिक गतिविधियों और नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, कई गिरोह स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं, जबकि कुछ का नेटवर्क एक से अधिक जिलों तक फैला हुआ है।
नए अपराधियों के उभरने पर चिंता
हाल के वर्षों में प्रदेश सरकार ने कई बड़े माफियाओं और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान चलाया है। इसके बावजूद नए अपराधियों के संगठित होकर गैंग बनाने की प्रवृत्ति चिंता का विषय बन रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात का भी अध्ययन कर रही हैं कि पुराने आपराधिक नेटवर्क खत्म होने के बाद किन परिस्थितियों में नए गिरोह उभर रहे हैं।
पुलिस की निगरानी और कार्रवाई तेज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चिह्नित गैंगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंभीर मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति जब्ती और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा जिलों के थाना स्तर पर भी ऐसे गिरोहों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए केवल बड़े माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नए उभरते गिरोहों पर भी शुरुआती स्तर से सख्ती जरूरी है। ऐसे में इन 165 गैंगों की पहचान को कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन चिह्नित अपराधियों के नेटवर्क की गहन जांच में जुटे हैं और आने वाले दिनों में इनके खिलाफ व्यापक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

