नोएडा के लेबर चौक पर जलभराव से मिलेगी राहत, सेक्टर-62 मार्ग के दोनों ओर बनेंगी नई नालियां
बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले नोएडा के लेबर चौक क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-62 मार्ग के दोनों ओर नई नालियों के निर्माण की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बरसात के दौरान सड़क पर पानी भरने की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
लेबर चौक क्षेत्र नोएडा के उन इलाकों में शामिल है, जहां हर साल बारिश के समय जलभराव की गंभीर स्थिति देखने को मिलती है। थोड़ी तेज बारिश के बाद ही सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग की जा रही थी। इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-62 मार्ग के दोनों तरफ नई जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का फैसला लिया है। योजना के तहत आधुनिक डिजाइन की नालियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे बारिश के पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, नई नालियों के निर्माण से सड़क किनारे जमा होने वाले पानी को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके अलावा मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम को भी बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। परियोजना के तहत जल निकासी की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भारी बारिश के दौरान भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति न बने।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान लेबर चौक और आसपास के इलाकों में पानी भरने से काफी दिक्कतें होती हैं। सड़क पर जलभराव के कारण पैदल चलने वालों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। नई नालियों के निर्माण की खबर से क्षेत्र के लोगों में राहत की उम्मीद जगी है।
नोएडा प्राधिकरण ने शहर में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए कई स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की योजना बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून से पहले जरूरी कामों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को बारिश के दौरान कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
अब सभी की नजरें इस परियोजना के शुरू होने और समय पर पूरा होने पर टिकी हैं। यदि योजना के अनुसार काम पूरा हुआ तो लेबर चौक क्षेत्र में हर साल होने वाले जलभराव से बड़ी राहत मिल सकती है।

