कैंची धाम की तर्ज पर विकसित होगी नीम करौली बाबा की जन्मस्थली, फिरोजाबाद से वृंदावन तक बनेगा 'बाबा सर्किट'
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में स्थित नीम करौली बाबा की जन्मस्थली को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। बाबा की लोकप्रियता देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है। नैनीताल स्थित कैंची धाम की प्रसिद्धि बढ़ने के साथ नीम करौली बाबा से जुड़े अन्य धार्मिक स्थलों को भी विकसित करने की मांग लगातार सामने आती रही है। अब उनकी जन्मस्थली को कैंची धाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर काम किए जाने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत फिरोजाबाद से लेकर वृंदावन तक बाबा से जुड़े प्रमुख स्थानों को एक धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में जोड़ा जा सकता है। इससे श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में बाबा के जीवन और उनसे जुड़े प्रमुख स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
फिल्म के बाद बढ़ी चर्चा
नीम करौली बाबा की लोकप्रियता पहले से ही देश-विदेश में रही है। उनके अनुयायियों में आम लोगों के साथ कई प्रसिद्ध हस्तियां भी शामिल रही हैं। हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और बाबा से जुड़ी फिल्मों एवं अन्य रचनात्मक सामग्री के कारण उनके जीवन और विचारों को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ी है।
फिल्म 'हनुमान अंश' को भी इसी बढ़ती चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। फिल्म में बाबा से जुड़े आध्यात्मिक पक्ष और उनके जीवन से प्रेरित प्रसंगों की चर्चा ने नई पीढ़ी के बीच भी रुचि पैदा की है। हालांकि किसी परियोजना के विकास का अंतिम आधार सरकारी योजना और प्रशासनिक निर्णय ही होगा।
फिरोजाबाद से वृंदावन तक जुड़ेगा धार्मिक सफर
प्रस्तावित बाबा सर्किट में फिरोजाबाद के उस स्थान को प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है, जहां नीम करौली बाबा का जन्म हुआ था। इसके अलावा बाबा से जुड़े अन्य धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को भी यात्रा मार्ग में शामिल करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
वृंदावन पहले से ही देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में फिरोजाबाद और वृंदावन को एक धार्मिक सर्किट के रूप में जोड़ने से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को व्यवस्थित किया जा सकता है। सर्किट विकसित होने पर रास्ते में सुविधाएं, संकेतक, पार्किंग, विश्राम स्थल और श्रद्धालुओं के लिए अन्य व्यवस्थाएं विकसित किए जाने की संभावना है।
कैंची धाम की तरह बढ़ सकता है धार्मिक पर्यटन
उत्तराखंड का कैंची धाम नीम करौली बाबा से जुड़ा सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। बाबा की जन्मस्थली को भी इसी तरह विकसित करने की योजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का विस्तार करना है।
यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है तो इससे आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ सकती हैं। होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, खान-पान और हस्तशिल्प से जुड़े कारोबार को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
विकास के साथ बढ़ेगी पहचान
नीम करौली बाबा को हनुमान भक्त और आध्यात्मिक गुरु के रूप में उनके अनुयायी मानते हैं। उनकी जन्मस्थली के विकास से उनके जीवन और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े स्थलों को एक पहचान मिल सकती है।
फिलहाल प्रस्तावित बाबा सर्किट को लेकर विस्तृत योजना, बजट और निर्माण कार्य से जुड़ी अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है। सरकारी स्तर पर योजना को लेकर आगे होने वाले फैसलों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सर्किट में कौन-कौन से स्थान शामिल किए जाएंगे और इसका स्वरूप कैसा होगा। इतना जरूर है कि जन्मस्थली के विकास की चर्चा ने स्थानीय लोगों और बाबा के अनुयायियों के बीच उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

