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कोहरे से पहले नेशनल-स्टेट हाईवे बनेंगे एक्सीडेंट फ्री जोन, रिफ्लेक्टर और रंबल स्ट्रिप लगेंगे

कोहरे से पहले नेशनल-स्टेट हाईवे बनेंगे एक्सीडेंट फ्री जोन, रिफ्लेक्टर और रंबल स्ट्रिप लगेंगे

सर्दियों में कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा कम करने के लिए सड़क सुरक्षा से जुड़े इंतजाम किए जाएंगे। इसके तहत हाईवे पर रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक और रंबल स्ट्रिप लगाने के साथ खतरनाक मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित बनाया जाएगा।

अलीगढ़ के 10 प्रमुख मार्गों पर होगा काम

‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना के तहत उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में 10 प्रमुख मार्गों को पहले चरण में चुना गया है। इनमें अलीगढ़-राया-मथुरा मार्ग और दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे सहित अन्य प्रमुख सड़कें शामिल हैं। इन मार्गों पर सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने के लिए 2.49 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें से 40 प्रतिशत राशि आवंटित की जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराएगा।

रिफ्लेक्टर और रंबल स्ट्रिप से चालकों को मिलेगा अलर्ट

कोहरे के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सड़क, मोड़ और आगे खड़े वाहनों का अंदाजा लगाने में परेशानी होती है। इसे देखते हुए हाईवे के किनारे हाई-रिफ्लेक्टिव संकेतक लगाए जाएंगे, ताकि वाहन की लाइट पड़ने पर सड़क की दिशा स्पष्ट दिखाई दे सके।

इसके अलावा चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों से पहले रंबल स्ट्रिप बनाई जाएंगी। इन पर वाहन के पहिए गुजरने से कंपन और आवाज पैदा होती है, जिससे चालक सतर्क होकर वाहन की गति कम कर सकता है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर कम दृश्यता के दौरान संकेतक, रिफ्लेक्टिव मार्कर और चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश भी सड़क सुरक्षा उपायों में शामिल है।

अवैध पार्किंग और खतरनाक कट पर भी कार्रवाई

योजना के तहत हाईवे के किनारे बिना रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर के खड़े भारी वाहनों से होने वाले हादसों को रोकने पर भी ध्यान दिया जाएगा। चिन्हित स्थानों पर सुरक्षित साइड पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि खराब वाहन मुख्य सड़क पर खड़े न रहें।

इसके साथ ही अवैध कट, खतरनाक मोड़ और सड़क पर बने गड्ढों को दुरुस्त करने, संकेतक लगाने तथा अंधेरे वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने की योजना है। इन उपायों का उद्देश्य कोहरे के मौसम में वाहन चालकों को समय रहते खतरे का संकेत देना और दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है।

सितंबर में 105 हादसे, 48 लोगों की मौत

रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ में सितंबर महीने के दौरान 105 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 48 लोगों की जान चली गई। सड़क सुरक्षा ऑडिट में अवैध कट, संकेतकों की कमी और गति नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने जैसे कारण सामने आए। इसी को देखते हुए प्रशासन सर्दियों में कोहरा बढ़ने से पहले सड़क सुरक्षा के काम पूरे कराने की तैयारी में है।

प्रशासन की इस पहल का लक्ष्य राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर हादसों के जोखिम को कम करना है। हालांकि, सड़क सुरक्षा के इन उपायों के साथ वाहन चालकों को भी कोहरे में धीमी गति से चलने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और यातायात नियमों का पालन करने की जरूरत होगी।

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