अकाल मौतों से दहशत में मुजफ्फरनगर का गांव, रास्ते सील कर कराया सामूहिक यज्ञ; ग्रामीण बोले- ‘किसी की नजर लग गई’
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ क्षेत्र का खलवाड़ा गांव इन दिनों चर्चा में है। गांव में लगातार हो रही लोगों और पशुओं की मौतों से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। इसी बीच ग्रामीणों ने बुधवार को गांव के सभी रास्तों को रस्सियों और बल्लियों से बंद कर दिया और सामूहिक यज्ञ कराया। यज्ञ और प्रसाद वितरण पूरा होने तक गांव से बाहर जाने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रही।
अकाल मौतों से डरे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गांव में अचानक लोगों और पशुओं की मौतें हो रही हैं। इससे लोगों के बीच भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में कई लोगों की अचानक मौत हुई है। इनमें युवा, बुजुर्ग और एक नवजात भी शामिल बताए गए हैं। पशुओं, खासकर बछड़ों की मौत को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं।
ग्रामीणों के बीच ऐसी चर्चा फैल गई कि गांव पर किसी की बुरी नजर पड़ गई है। इसी आशंका के चलते गांव में पूजा-पाठ और यज्ञ कराने का निर्णय लिया गया।
रस्सियों और बल्लियों से बंद किए रास्ते
बुधवार सुबह गांव के युवाओं ने गांव में आने-जाने वाले रास्तों को रस्सियों और बल्लियों की मदद से बंद कर दिया। अलग-अलग रास्तों पर युवाओं को निगरानी के लिए भी बैठाया गया। इस दौरान ग्रामीणों को गांव से बाहर जाने से रोका गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक रही।
बताया गया कि यह व्यवस्था तब तक जारी रही, जब तक सामूहिक यज्ञ और प्रसाद वितरण पूरा नहीं हो गया। इसके बाद रास्तों से बल्लियां और रस्सियां हटा दी गईं और सामान्य आवागमन शुरू हुआ।
सुख-शांति के लिए कराया यज्ञ
ग्रामीणों ने गांव की सुख-शांति और खुशहाली की कामना के लिए भूमिया माता के स्थान पर सामूहिक यज्ञ कराया। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लगातार हो रही मौतों से लोग परेशान थे और उन्हें उम्मीद थी कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद गांव में हालात बेहतर होंगे।
एक ग्रामीण ने बताया कि गांव में कुछ ठीक नहीं चल रहा है और लोगों को लगता है कि गांव को किसी की नजर लग गई है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब तीन महीने से लगातार किसी न किसी व्यक्ति या पशु की मौत की खबर सामने आ रही थी।
ज्योतिषियों से सलाह के बाद उठाया कदम
ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार हो रही मौतों को लेकर कुछ लोग ज्योतिषियों के पास भी गए थे। वहां से बताए गए उपायों के आधार पर गांव में यज्ञ और अन्य धार्मिक गतिविधियां कराने का फैसला लिया गया। हालांकि, ग्रामीणों ने इन उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा नहीं की।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
रास्तों को पूरी तरह बंद करके सामूहिक यज्ञ कराने की घटना ने आसपास के इलाकों में भी चर्चा पैदा कर दी है। ग्रामीणों में जहां धार्मिक आस्था के कारण यज्ञ को लेकर विश्वास दिखाई दिया, वहीं लगातार हो रही मौतों को लेकर चिंता भी बनी हुई है।
फिलहाल ग्रामीणों की ओर से मौतों के पीछे बुरी नजर या अन्य धार्मिक कारणों की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इन मौतों का वास्तविक कारण क्या है, यह चिकित्सकीय और प्रशासनिक जांच का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि वे चाहते हैं कि गांव में शांति लौटे और अचानक होने वाली मौतों का सिलसिला थमे।

