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मुकेश सहनी का CEC ज्ञानेश कुमार पर विवादित बयान, बोले- ‘एक खून माफ होता तो गोली मार देता’; SIR को लेकर साधा निशाना

मुकेश सहनी का CEC ज्ञानेश कुमार पर विवादित बयान, बोले- ‘एक खून माफ होता तो गोली मार देता’; SIR को लेकर साधा निशाना

विकासशील इंसान पार्टी यानी VIP के प्रमुख मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवादित बयान दिया है। 24 सितंबर को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सहनी ने कहा कि अगर उन्हें एक हत्या माफ होने की अनुमति होती तो वह ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि वह संविधान और कानून को मानने वाले व्यक्ति हैं, इसलिए ऐसा नहीं करेंगे।

सहनी का यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के लिए काम कर रहा है और संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ये सहनी के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

‘एक खून माफ होता तो गोली मार देता’

मुकेश सहनी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर संविधान एक हत्या की अनुमति देता और उन्हें एक खून माफ होता तो वह सबसे पहले ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह संविधान को मानने वाले व्यक्ति हैं, इसलिए ऐसा कदम नहीं उठाएंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद शुरू हो गया।

सहनी ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव प्रक्रिया संचालित की जा रही है, उससे जनता के जनादेश को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने चुनाव में सरकारी संसाधनों और जनता के पैसे के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े किए।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना

सहनी का बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। सहनी ने भी इसी मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाने पर लिया।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग के सभी तीन सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी आयुक्त की व्यक्तिगत टिप्पणी या असहमति को आयोग के अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

2029 को लेकर भी किया दावा

सहनी ने अपने बयान में 2029 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने दावा किया कि 2029 में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनेगी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह सहनी का राजनीतिक दावा है, भविष्य का स्थापित तथ्य नहीं।

बाद में भी बयान को लेकर चर्चा

ज्ञानेश कुमार को लेकर सहनी की टिप्पणी यहीं नहीं रुकी। बाद में उन्होंने अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि अगर उन्हें एक खून माफ होता और संविधान इसकी इजाजत देता तो वह ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। उन्होंने अपने बयान को देश और संविधान को लेकर अपनी नाराजगी से जोड़कर पेश किया।

मुकेश सहनी के इस बयान ने चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची को लेकर पहले से चल रही राजनीतिक बहस को और चर्चा में ला दिया है। बयान में हिंसा की धमकी जैसी भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ है। वहीं, SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच मतभेद अलग-अलग मंचों पर सामने आते रहे हैं।

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