कानपुर में एमएसएमई अनुदान अब जिला उद्योग केंद्र की सत्यापन रिपोर्ट के बाद ही मिलेगा
अब कानपुर में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) अनुदान की राशि बैंकों द्वारा केवल उद्योग विभाग के सत्यापन के बाद ही जारी की जाएगी। यह निर्णय बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं से करोड़ों रुपये के अनुदान वितरण में गड़बड़ी सामने आने के बाद लिया गया है।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त ने सभी बैंकों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि किसी भी एमएसएमई अनुदान को तब तक जारी न किया जाए जब तक जिला उद्योग केंद्र की सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त न हो। उपायुक्त ने कहा कि यह कदम पारदर्शिता और सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
उद्योग विभाग का कहना है कि पिछले समय में कुछ अनुदान वितरण में गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिससे उद्योगों तक राशि समय पर नहीं पहुँच पाई और कुछ मामलों में अनियमितता की आशंका भी रही। अब इस नई प्रक्रिया के लागू होने से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी अनुदान सही उद्योगों और पात्र उद्यमियों तक ही पहुंचे।
विशेषज्ञों का कहना है कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए अनुदान का सही और पारदर्शी वितरण स्थानीय उद्यमिता और रोजगार सृजन के लिए बेहद जरूरी है। वे मानते हैं कि सत्यापन प्रक्रिया अनुदान वितरण में विश्वसनीयता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
इस आदेश से अब बैंक अधिकारियों और उद्योग विभाग के कर्मचारियों के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही और बढ़ जाएगी। इससे उद्योगों को समय पर अनुदान मिलने की संभावना बढ़ेगी और वित्तीय गड़बड़ियों की संभावना कम होगी।

