मंदसौर में 16 साल के बेटे को खोकर टूट गई मां, मोबाइल में तस्वीर देखते ही छलक पड़ते हैं आंसू
मध्य प्रदेश के मंदसौर की हेमाबाई अपने बेटे ऋतुराज को खोने के गम से उबर नहीं पा रही हैं। बेटे की यादें उन्हें हर पल बेचैन कर देती हैं। मोबाइल में ऋतुराज की तस्वीर देखते ही उनकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं। महज 16 साल 9 महीने की उम्र में बेटे को खोने के बाद अब उनके पास उसकी यादें और तस्वीरें ही बची हैं।
हेमाबाई के लिए बेटे को खोने का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है। जिस उम्र में बच्चों के सपने आकार लेने लगते हैं और परिवार उनके भविष्य को लेकर उम्मीदें संजोता है, उसी उम्र में ऋतुराज के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां के लिए बेटे की तस्वीर अब उसकी मौजूदगी का एहसास दिलाने वाली एक अनमोल याद बन गई है।
बेटे की तस्वीर देखते ही छलक पड़ते हैं आंसू
हेमाबाई जब भी मोबाइल में बेटे ऋतुराज की तस्वीर देखती हैं, तो खुद को संभाल नहीं पातीं। बेटे के साथ बिताए पल उनकी आंखों के सामने आ जाते हैं और वह बिलख पड़ती हैं। परिवार के लिए इस दुख को सहना बेहद कठिन है।
बच्चे की मौत से मां-बाप की जिंदगी में जो खालीपन आता है, उसे भर पाना आसान नहीं होता। ऋतुराज की कम उम्र में मौत ने हेमाबाई को गहरा सदमा दिया है। अब बेटे की तस्वीरें और उससे जुड़ी यादें ही उनके पास रह गई हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ऋतुराज की मौत के बाद परिवार के सामने अपार दुख का समय है। मां के आंसू और बेटे की तस्वीर से जुड़ा उनका भावुक रिश्ता इस नुकसान की गहराई को बयां करता है। ऐसी परिस्थितियों में परिवार और करीबी लोगों का साथ दुख से जूझ रहे परिजनों के लिए महत्वपूर्ण होता है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ऋतुराज की मौत की वजह, घटना की तारीख और परिस्थितियों का विवरण नहीं है। इसलिए इस बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। घटना से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिलने पर खबर को और विस्तार दिया जा सकता है।

