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आगरा में LLB और BA-LLB की 700 से ज्यादा सीटों पर संकट, BCI की मंजूरी नहीं मिलने से प्रवेश प्रक्रिया अटकी

आगरा में LLB और BA-LLB की 700 से ज्यादा सीटों पर संकट, BCI की मंजूरी नहीं मिलने से प्रवेश प्रक्रिया अटकी

सत्र 2026-27 में विधि की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे आगरा के छात्रों के लिए चिंता की खबर सामने आई है। आगरा कॉलेज और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में एलएलबी और बीए-एलएलबी पाठ्यक्रमों की 700 से अधिक सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है। दोनों संस्थानों को अभी तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से मान्यता नहीं मिल पाई है, जिसके कारण छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार, विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मंजूरी जरूरी होती है। बिना बीसीआई की अनुमति के किसी भी संस्थान में लॉ कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती। इसी कारण आगरा कॉलेज और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से जुड़े विधि पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

आगरा कॉलेज में एलएलबी और बीए-एलएलबी की सीटों पर हर साल बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश लेते हैं। वहीं, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से जुड़े विधि पाठ्यक्रमों में भी विद्यार्थियों की रुचि रहती है। लेकिन इस बार बीसीआई की मंजूरी नहीं मिलने से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो रही है।

छात्रों का कहना है कि यदि समय पर मंजूरी नहीं मिली तो उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कई विद्यार्थी लॉ में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं और उन्होंने अन्य विकल्पों पर भी विचार करना शुरू कर दिया है। छात्रों को चिंता है कि प्रवेश प्रक्रिया में ज्यादा देरी होने से उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है।

वहीं, संस्थानों की ओर से बीसीआई की मंजूरी के लिए प्रक्रिया पूरी करने की बात कही जा रही है। कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर मान्यता प्राप्त की जा सके, ताकि प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा सके।

बीसीआई की ओर से किसी भी संस्थान को विधि पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए तय मानकों को पूरा करना होता है। इसमें शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाएं, नियमों का पालन और अन्य आवश्यक शर्तें शामिल होती हैं। इन सभी मानकों की जांच के बाद ही अनुमति दी जाती है।

इस मामले में अब छात्रों और अभिभावकों की नजर संस्थानों और बीसीआई के अगले कदम पर है। यदि जल्द मंजूरी मिल जाती है तो प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन देरी होने पर विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल आगरा कॉलेज और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की 700 से अधिक विधि सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया रुकी हुई है। बीसीआई की मंजूरी मिलने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी कि सत्र 2026-27 में छात्रों को लॉ पाठ्यक्रमों में दाखिला कब मिल पाएगा।

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