अगस्त में कुछ समय से सुस्त पड़े मानसून ने अब एक बार फिर सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवातीय सिस्टम और मध्य प्रदेश के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में गुरुवार से मानसूनी गतिविधियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले करीब एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मानसून की सक्रियता बढ़ने से लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। पूर्वी यूपी के कई जिलों में गुरुवार से मौसम में बदलाव देखने को मिला। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवातीय परिसंचरण मानसूनी गतिविधियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र का प्रभाव भी उत्तर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है।
इन मौसमी सिस्टम के कारण नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ने की संभावना है। यही वजह है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। आने वाले दिनों में इसका असर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है।
एक सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले करीब एक सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई है। हालांकि बारिश लगातार होने के बजाय अलग-अलग समय और स्थानों पर हो सकती है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश तो कहीं तेज बौछारें पड़ने की संभावना रहेगी।
बारिश के कारण तापमान में भी कुछ गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं जिन क्षेत्रों में लंबे समय से बारिश कम हुई है, वहां किसानों को भी मानसून की सक्रियता से फायदा मिल सकता है।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
अगस्त में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने से कई क्षेत्रों में खेती प्रभावित होने की चिंता बढ़ रही थी। अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने से खरीफ फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है। पर्याप्त बारिश होने पर खेतों में नमी बनी रहेगी और फसलों की बढ़वार बेहतर हो सकती है।
हालांकि लगातार तेज बारिश होने पर जलभराव और स्थानीय स्तर पर फसलों को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
मौसम में आगे भी बदलाव जारी रहेगा
मौसम विज्ञानियों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बने सिस्टम की स्थिति के आधार पर बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है। फिलहाल पूर्वी यूपी में मानसून की सक्रियता लौटने से प्रदेश में बारिश का दौर बढ़ने के आसार हैं।
अगले सात दिनों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे अगस्त में सुस्त पड़े मानसून को गति मिलने और प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

