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यूपी से लौटने लगा मानसून, 17 जिलों में बारिश का अलर्ट: कानपुर में सड़कें जलमग्न, विधायक ट्रैक्टर से पहुंचे; नदियां उफनाईं

यूपी से लौटने लगा मानसून, 17 जिलों में बारिश का अलर्ट: कानपुर में सड़कें जलमग्न, विधायक ट्रैक्टर से पहुंचे; नदियां उफनाईं

उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू होने के बीच सितंबर के आखिरी दिनों में हुई तेज बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, लेकिन कुछ इलाकों में अभी भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण कानपुर समेत कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।

कानपुर में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात

कानपुर में लगातार हुई बारिश के बाद पांडु नदी का जलस्तर बढ़ गया। कई बस्तियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 10 बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बने और सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए। एनडीआरएफ की टीम ने करीब 200 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। राहत अभियान के दौरान गर्भवती महिला समेत कई लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से बाहर निकाला गया।

कानपुर में भारी जलभराव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दिया। कई सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। ऐसी स्थिति में कुछ इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

ट्रैक्टर से पहुंचे विधायक

कानपुर में जलभराव की गंभीर स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक विधायक प्रभावित क्षेत्र में ट्रैक्टर से पहुंचे। सामान्य वाहनों के लिए रास्ते में भरे पानी के कारण आवाजाही मुश्किल होने के बाद ट्रैक्टर का सहारा लिया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों से हालात की जानकारी ली गई और जलभराव से जुड़ी समस्याओं को समझने का प्रयास किया गया।

नदियों का बढ़ा जलस्तर

प्रदेश में कई जगह बारिश थमने के बाद भी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। कानपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार कई जिलों में बारिश रुकने के बावजूद नदियां उफान पर रहीं और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए।

पिछले दिनों हुई बारिश की तीव्रता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कानपुर में करीब 240 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके बाद बारिश में कमी आई, जिससे लोगों और प्रशासन को कुछ राहत मिली।

अब मानसून की विदाई के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सामान्य तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सितंबर के आखिरी सप्ताह में मानसून की वापसी शुरू होती है और इसके बाद धीरे-धीरे मध्य तथा पूर्वी हिस्सों से मानसून पीछे हटता है। इस बार वापसी के बीच सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण सितंबर के अंतिम दिनों में कई इलाकों में तेज बारिश हुई।

आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि जिन इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां लोगों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

17 जिलों में बारिश की संभावना

मौसम में बदलाव के बीच प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि 30 सितंबर को पूर्वांचल के कुछ जिलों में बारिश के आसार हैं। इसके बाद प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने की संभावना जताई गई है।

सितंबर के आखिरी सप्ताह की भारी बारिश ने प्रदेश में जलभराव, फसलों और जनजीवन पर असर डाला है। अब मानसून की वापसी के साथ बारिश कम होने की उम्मीद है, लेकिन नदियों के बढ़े जलस्तर और निचले इलाकों में जमा पानी के कारण प्रशासन की चुनौती अभी बनी हुई है।

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