यूपी में मानसून फिर हुआ सक्रिय: 75 जिलों में बारिश का अलर्ट, वीडियो में देंखे संतकबीरनगर में 300 साल पुराना मंदिर ढहा, नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार सुबह से राजधानी लखनऊ, कानपुर, बरेली समेत करीब 30 शहरों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं। आगरा में दिन के समय ही अंधेरा छा गया, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 31 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
संतकबीरनगर में ढहा 300 साल पुराना बाबा बैजूनाथ मंदिर
लगातार हो रही बारिश का सबसे बड़ा असर संतकबीरनगर में देखने को मिला, जहां लगभग 300 साल पुराना बाबा बैजूनाथ मंदिर रविवार को अचानक भरभराकर गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि कई दिनों से हो रही बारिश के कारण मंदिर की दीवारें कमजोर हो गई थीं, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
गौरतलब है कि शनिवार को ही जिला प्रशासन के अधिकारी, जिनमें जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) शामिल थे, मंदिर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। राहत की बात यह रही कि मंदिर गिरने के समय वहां कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बलिया में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब
लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बलिया में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। प्रशासन के अनुसार, नदी के बढ़ते जलस्तर से लगभग 100 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
नदी किनारे तेज कटान भी जारी है। इसका भयावह दृश्य तब देखने को मिला जब नदी किनारे बना एक मकान महज 5 सेकेंड के भीतर कटान की चपेट में आकर नदी में समा गया। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
लखीमपुर में शारदा नदी ने निगला मकान
लखीमपुर खीरी में भी शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान तेज हो गया है। कटान की चपेट में आने से एक मकान नदी में समा गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे के समय घर के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
कई जिलों में भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। प्रदेश के 31 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कई इलाकों में तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है, जबकि संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो कई जिलों में बाढ़ और कटान की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

