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झांसी में मंच से मेघनाद दहन की घोषणा, गलती से जल उठा 70 फीट का रावण; 30 सेकेंड में हुआ पुतले का दहन

झांसी में मंच से मेघनाद दहन की घोषणा, गलती से जल उठा 70 फीट का रावण; 30 सेकेंड में हुआ पुतले का दहन

उत्तर प्रदेश के झांसी में मंगलवार को दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शहर के किले के नीचे स्थित क्राफ्ट मेला ग्राउंड में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन किया जाना था। मैदान में बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन को देखने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान एक ऐसी चूक हो गई, जिसने दशहरा उत्सव को चर्चा का विषय बना दिया।

मंच से मेघनाद के पुतले के दहन की घोषणा की गई, लेकिन गलती से 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे पुतले को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही समय में रावण का पुतला जलकर राख हो गया। आपके दिए विवरण के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम महज 30 सेकेंड में हो गया।

घोषणा और दहन के बीच हुई चूक

दशहरे के अवसर पर क्राफ्ट मेला ग्राउंड में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए गए थे। आयोजन में परंपरा के अनुसार बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाना था। इसी दौरान मंच से मेघनाद के दहन की घोषणा हुई, लेकिन दहन गलत पुतले का हो गया। अचानक रावण का विशाल पुतला आग की लपटों में घिर गया।

दशहरा आयोजन में जुटे थे लोग

झांसी में दशहरे के मौके पर अलग-अलग स्थानों पर रावण दहन और आतिशबाजी के कार्यक्रम आयोजित किए गए। क्राफ्ट मेला ग्राउंड का आयोजन भी शहर के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल था। यहां रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन आकर्षण का केंद्र था।

हालांकि, दहन के दौरान हुई इस गलती को लेकर आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा होने लगी। फिलहाल, उपलब्ध विवरण के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि घोषणा और पुतले में आग लगाने के बीच हुई चूक की वजह क्या थी और आयोजकों की ओर से इस पर क्या स्पष्टीकरण दिया गया।

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। झांसी के इस आयोजन में 70 फीट ऊंचे रावण का कुछ ही सेकेंड में जल जाना इस बार उत्सव की एक अप्रत्याशित घटना बन गया।

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