मेरठ कैंट बोर्ड का बड़ा फैसला: ब्रिटिश कालीन नाम हटेंगे, भारतीय महापुरुषों के नाम होंगे लागू
उत्तर प्रदेश के मेरठ में कैंटोनमेंट बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ब्रिटिश कालीन नामों को हटाकर उनकी जगह भारतीय महापुरुषों के नाम लागू करने का फैसला किया है। इस फैसले को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कैंट बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसमें कई सड़कों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने पर सहमति बनी। अधिकारियों का कहना है कि नए नाम भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों, समाज सुधारकों और देश के महान व्यक्तित्वों के सम्मान में रखे जाएंगे।
इसके साथ ही बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों की नियमित देखरेख पर जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाने की योजना बनाई गई है। कैंट क्षेत्र में अस्पतालों और डिस्पेंसरी की सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा, ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी कैंट बोर्ड ने कई योजनाओं को हरी झंडी दी है। सड़कों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और स्ट्रीट लाइट्स की संख्या बढ़ाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे भारतीय संस्कृति और विरासत को सम्मान देने वाला कदम बताया है। उनका मानना है कि इससे नई पीढ़ी को देश के महान व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
कैंट बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रस्तावों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और कार्यों की निगरानी भी नियमित रूप से की जाएगी, ताकि तय समयसीमा में विकास कार्य पूरे हो सकें।
यह निर्णय न केवल शहर की पहचान को नया स्वरूप देगा, बल्कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के स्तर को भी बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा।

