अखिलेश के ‘चवन्नी से रुपया’ बयान पर भड़कीं मायावती, बोलीं- जयंत चौधरी और पूरे जाट समाज से मांगें माफी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कथित ‘चवन्नी से रुपया बना दिया’ बयान को लेकर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने अखिलेश यादव को अहंकारी बताते हुए उनके बयान को अमर्यादित आचरण का प्रमाण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस टिप्पणी के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान किया गया है।
मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने बयान पर राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी के साथ-साथ पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर ब्राह्मण समाज के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया।
चौधरी चरण सिंह के परिवार के अपमान का आरोप
मायावती ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपनी भाषा और बयानबाजी में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उनके मुताबिक अखिलेश यादव का बयान राजनीतिक असहमति से आगे बढ़कर चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने वाला है।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं और उनके परिवार की राजनीतिक भूमिका लंबे समय से रही है। ऐसे में उनके परिवार को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।
जयंत चौधरी से माफी की मांग
मायावती ने अखिलेश यादव से मांग की कि वह अपने बयान के लिए जयंत चौधरी से माफी मांगें। इसके साथ ही उन्होंने पूरे जाट समाज से भी माफी मांगने की बात कही।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी समाज या परिवार के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा से बचना चाहिए।
सपा पर ब्राह्मणों के उत्पीड़न का आरोप
बसपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी पर ब्राह्मण समाज के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सपा के शासन और राजनीतिक व्यवहार में ब्राह्मणों के साथ हमेशा उत्पीड़न किया गया है।
मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी सभी वर्गों के सम्मान और सामाजिक भाईचारे की बात करती है। उन्होंने सपा नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक विरोधियों के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करता।
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाई यूपी की सियासत
अखिलेश यादव के बयान पर मायावती की प्रतिक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज होने के संकेत हैं। सपा और बसपा दोनों ही प्रदेश की राजनीति में प्रमुख दल हैं और इनके बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद रहे हैं।
मायावती ने अखिलेश यादव से बयान वापस लेने और संबंधित लोगों से माफी मांगने की मांग की है। अब देखना होगा कि इस प्रतिक्रिया पर सपा प्रमुख या उनकी पार्टी की ओर से क्या जवाब आता है।

